भोपाल। जागरण लेकसिटी विश्वविद्यालय में ब्राउन मोस्टेन अंतरराष्ट्रीय क्लाइंट काउंसलिंग प्रतियोगिता राष्ट्रीय चयन दौर (भारत) का विधिवत शुभारंभ किया गया। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित क्लाइंट काउंसलिंग प्रतियोगिता अंतरराष्ट्रीय बार एसोसिएशन (IBA) के संरक्षण में आयोजित की जा रही है। प्रतियोगिता में देश के प्रमुख राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों, केंद्रीय एवं राज्य विश्वविद्यालयों तथा अन्य अग्रणी विधि संस्थानों की भागीदारी है। उद्घाटन समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई।

विधि संकाय के अधिष्ठाता प्रो. (डॉ.) सचिन रस्तोगी ने उपस्थित जनसमूह का स्वागत किया तथा प्रतिभागी टीमों को प्रोत्साहित करते हुए आधुनिक विधिक अभ्यास में अनुभवात्मक अधिगम एवं क्लाइंट-केंद्रित विधि कौशल के महत्व पर बल दिया। मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति रोहित आर्य, पूर्व न्यायाधीश, मध्य प्रदेश, उच्च न्यायालय, ने अपने संबोधन में क्लाइंट काउंसलिंग को सहानुभूति, नैतिकता और संवाद पर आधारित एक मूलभूत विधिक कौशल बताया। उन्होंने कहा कि प्रभावी वकालत केवल तर्क तक सीमित नहीं है, बल्कि सुनने और विश्वास स्थापित करने से आरंभ होती है, तथा क्लाइंट को उन्होंने 'वकालत की जीवनरेखा' बताया।

कार्यक्रम में ब्राउन मोस्टेन अंतरराष्ट्रीय क्लाइंट काउंसलिंग प्रतियोगिता के राष्ट्रीय समन्वयक प्रो. (डॉ.) एम.आर.के. प्रसाद एवं डॉ. संध्या राम की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रो. प्रसाद ने संबोधन में प्रतियोगिता के महत्व एवं इसकी वैश्विक विरासत पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम की रूपरेखा श्री सैफ हुसैन द्वारा प्रस्तुत की गई तथा सत्र का समापन संयोजक डॉ. यश तिवारी द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने गणमान्य अतिथियों, आयोजन समिति की सदस्याओं सुश्री पारुल अस्थाना, सुश्री मीनाक्षी डांगी एवं श्री नीरज सिंह, प्रतिभागियों, विद्यार्थियों तथा विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय के प्रति-कुलपति, कुलसचिव एवं अन्य विशिष्ट गणमान्यजन उपस्थित रहे।