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Delhi Health System: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जनता को राजधानी में अच्छी और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के नाम पर कभी भी खुद की पीठ थपथपाने का कोई मौके जाने नहीं देते। फिर चाहे वो मोहल्ला क्लिनिक की बात हो या फिर महंगे से महंगा हेल्थ टेस्ट हो, जिन्हें बिल्कुल फ्री कराने की बात मुख्यमंत्री हर बार करते हैं। लेकिन, राजधानी के अस्पतालों की हालत कुछ अलग ही तस्वीर बयां कर रही हैं। दिल्ली सरकार के अस्पतालों में न सिर्फ मैन पावर और उपकरणों की कमी, बल्कि आलम यह है कि मरीजों को कई टेस्ट के लिए सालों-साल आगे की तारीखें मिल रही हैं। ताजा मामला एक डेंटल अस्पताल और एक जीबी पंत अस्पताल से सामने आया है।
MRI के लिए दी 2027 की डेट
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहला मामला मौलाना आजाद डेंटल हॉस्पिटल से सामने आया है, जहां एमआरआई के लिए एक मरीज को तीन साल बाद यानी 2027 की तारीख मिली है। दिल्ली सरकार द्वारा संचालित मौलाना आजाद डेंटल हॉस्पिटल ने एक 25 वर्षीय संतोष नाम के मरीज को MRI के लिए 23 मार्च, 2027 (3 साल बाद की) की तारीख दी है। तारीख का पर्चा भी अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसके अलावा दूसरा मामला जीबी पंत अस्पताल का बताया जा रहा है।
हेल्थ एक्टिविस्ट अशोक अग्रवाल के मुताबिक, जीबी पंत अस्पताल में सहारनपुर के रहने वाले एक 13 साल का मरीज का इलाज चल रहा है। उनके ब्रेन का एमआरआई होना है, उन्हें इसके लिए 2025 की डेट दी गई है। इसको लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट भी किया। इसके अलावा उन्होंने इलाज में भेदभाव का भी मुद्दा उठाया है।
मैन पावर की कमी
दिल्ली सरकार के अस्पतालों में 300 से अधिक पदों पर जगह खाली है, ओटी टेक्नीशियन, असिस्टेंट, लैब टेक्नीशियन, लैब असिस्टेंट, नर्स, फार्मासिस्ट, ईसीजी टेक्नीशियन और मॉर्च्यूरी असिस्टेंट आदि शामिल हैं।
ऑपरेशन थियेटर और सीटी स्कैन मशीन का अभाव
वहीं, दिल्ली सरकार द्वारा संचालित अस्पतालों में कुल 235 ऑपरेशन थियेटर हैं, जिसमें 62 काम करने की स्थिति में नहीं और 173 फंक्शनल हैं। इसके अलावा दिल्ली सरकार के 5 अस्पतालों डीडीयू, जीटीबी, अंबेडकर, एलएनजेपी में एक-एक सीटी स्कैन मशीन हैं और जीबी पंत में दो मशीन हैं, जिसमें से एक खराब है।
वेंटिलेटर की कमी
दिल्ली सरकार के बाबू जगजीवन राम (11 वेंटिलेटर), भगवान महावीर अस्पताल (15), एलएनजेपी (186), लाल बहादुर शास्त्री हॉस्पिटल (9) और जीटीबी में (347) करीब कुल 568 वेंटिलेटर हैं, जिसमें से 61 वेंटिलेटर खराब हैं। वहीं, बाबू जगजीवन राम में 3, भगवान महावीर अस्पताल में 3, एलएनजेपी में 15, लाल बहादुर शास्त्री हॉस्पिटल में 1 और जीटीबी में 39 वेंटिलेटर खराब हैं।
