haribhoomi hindi news
Delhi New TOD Policy: दिल्ली में ट्रांजिट ओरिएंटेड डिवेलपमेंट (TOD) पॉलिसी में बदलाव कर दिए गए हैं, जिसके तहत लोगों को मेट्रो, नमो रेल और रेलवे कॉरिडोर के आसपास सस्ते घर मिल सकेंगे।

Delhi New TOD Policy: दिल्ली में केंद्र सरकार ने ट्रांजिट ओरिएंटेड डिवेलपमेंट (TOD) पॉलिसी बदलाव किए हैं। नीति में बदलाव का उद्देश्य मेट्रो, नमो रेल (RRTS) और रेलवे कॉरिडोर के आसपास सस्ते और सुनियोजित घर बनाना है। बताया जा रहा है कि नई नीति के तहत अब इन ट्रांजिट कॉरिडोर के 500 मीटर के दायरे में हाई-डेंसिटी, मिक्स्ड-यूज डिवेलपमेंट को परमिशन दी जाएगी, यह बदलाव मास्टर प्लान 2021 में पहले से शामिल था।  

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नई TOD पॉलिसी के तहत अब छोटे मकान पर भी विकास संभव हो सकेगा। पहले 5  हेक्टेयर जमीन की जरूरत होती थी, लेकिन अब इसे घटाकर 2000 वर्ग मीटर कर दिया गया है। इससे छोटे  डिवेलपर्स और निजी जमीन मालिकों को फायदा होगा। इसके अलावा 15 मीटर चौड़ी सड़क पर स्थित 2000 वर्ग मीटर के प्लॉट पर ज्यादा से ज्यादा 500 FAR (फ्लोर एरिया रेशियो) की परमिशन दे दी गई है।  

मंत्री मनोहर लाल खट्टर-सीएम रेखा गुप्ता ने क्या कहा ?

बीते दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि इस पॉलिसी का उद्देश्य 'मेट्रो कॉरिडोर के आसपास सस्टेनेबल और ट्रांजिट लिंक्ड शहरी विकास को बढ़ावा देना है, जिससे कनेक्टिविटी बेहतर होगी और सस्ते घरों की उपलब्धता बढ़ेगी।' इसके अलावा सीएम रेखा गुप्ता ने भी कहा कि इस पॉलिसी के तहत करीब 207 वर्ग किलोमीटर एरिया को कवर किया जाएगा। जिसमें मेट्रो कॉरिडोर के दोनों ओर 500 मीटर और RRTS/रेलवे स्टेशनों के आसपास 500 मीटर का दायरा शामिल है। 

इस पूरे एरिया में प्लांड डिवेलपमेंट और रीडिवेलपमेंट के माध्यम से आवास और इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिलेगा। सस्ते आवास को बढ़ावा देने के लिए पॉलिसी में यह भी शामिल किया गया है कि कुल मंजूर FAR का 65 प्रतिशत हिस्सा 100 वर्ग मीटर तक के फ्लैट्स के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इस पॉलिसी की सहायता से  मिडल क्लास और लो-इनकम ग्रुप को सस्ती कीमतों पर घर मिलेंगे। 

पॉलिसी की जरूरी बातें

  • TOD की हाउसिंग अफॉर्डबिलिटी में 100 मीटर से ज्यादा साइज के घर नहीं बनेंगे।
  • DDA और डिवेलपर इन छोटे घरो को प्लांड तरीके से बनाएंगे।
  • स्वीकृति योग्य कुल FAR का 65 प्रतिशत जरूरी तौर पर आवासीय इस्तेमाल के लिए आरक्षित किया गया है। 
  • टीओडी प्लॉट में हर 100 स्क्वायर मीटर FAR पर एक कार के बराबर पार्किंग जरूरी है, कुल पार्किंग का कम से कम 30 प्रतिशत हिस्सा पब्लिक पार्किंग के लिए तय किया गया है। 
  • 18 मीटर चौड़ी सड़क न होने पर ट्रांजिट स्टेशन तक पहुंच के लिए नई एलिवेटेड या अंडरग्राउंड डेडिकेटेड सडक बनाई जाएंगी।
  • टीओडी चार्ज में पानी, सीवर, एमसीडी प्लान सैक्शन, लैंड यूज, लीज होल्ड से फ्री होल्ड, एक्स्ट्रा FAR और डीडीए चार्ज शामिल होंगे। 
7