Aam Aadmi Party: दिल्ली में बीजेपी सरकार का एक साल पूरा होने पर आम आदमी पार्टी ने निशाने साधा और कहा कि 'एक साल, दिल्ली बेहाल याद आ रहे केजरीवाल पढ़िए पूरी खबर...

Aam Aadmi Party: दिल्ली में भाजपा की सरकार को एक साल पूरा हो गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली इस सरकार पर आम आदमी पार्टी (AAP) ने जमकर हमला बोला है। AAP ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि पिछले एक साल में दिल्ली की हालत बहुत खराब हो गई है और लोगों को अरविंद केजरीवाल की सरकार की याद आ रही है। AAP नेता मनीष सिसोदिया ने सरकार को दिल्ली वालों के साथ बड़ा धोखा बताया। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रदूषण और महिलाओं की पेंशन जैसे मुद्दों पर रिपोर्ट कार्ड जारी किया। AAP का कहना है कि BJP ने चुनाव में बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन उनमें से कोई भी पूरा नहीं हुआ। इससे दिल्ली की जनता परेशान है और अब पुरानी सरकार की अच्छी योजनाओं को याद कर रही है। 

चुनावी वादों पर AAP का हमला

मनीष सिसोदिया ने BJP के चुनावी वादों की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि BJP ने वादा किया था कि 8 मार्च 2025 से दिल्ली की महिलाओं के बैंक खाते में हर महीने 2500 रुपये आएंगे, लेकिन एक साल बाद भी यह नहीं हुआ। इससे महिलाओं के साथ धोखा हुआ है। इसी तरह, झुग्गी वालों को मकान देने का वादा किया गया था, लेकिन उल्टा झुग्गियां तोड़ी जा रही हैं। सिसोदिया ने इसे 'जहां झुग्गी वहां मैदान' का नारा बताया। AAP ने कहा कि BJP सरकार ने मध्यम वर्ग को भी धोखा दिया है। प्राइवेट स्कूलों की फीस दोगुनी-तीन गुनी बढ़ गई है और सरकार ने कोई मदद नहीं की। लोग सड़कों पर उतर आए, लेकिन सरकार चुप रही। ये सभी वादे फर्जी साबित हुए हैं और दिल्ली की जनता अब केजरीवाल के समय की सुविधाओं को याद कर रही है। 

प्रदूषण, शिक्षा और स्वास्थ्य पर आलोचना

AAP ने प्रदूषण पर BJP सरकार को घेरा। सिसोदिया ने कहा कि केजरीवाल सरकार में प्रदूषण रोकने के कई कदम उठाए जाते थे, लेकिन अब सरकार कुछ नहीं कर रही। दिल्ली का AQI देश में सबसे खराब रहा। जब लोग शिकायत करने लगे, तो सरकार ने AQI मीटरों में छेड़छाड़ की और कई सेंटर बंद कर दिए । स्वास्थ्य पर भी हमला बोला गया। मोहल्ला क्लीनिक बंद या सुस्त हो गए हैं, सरकारी अस्पतालों में लंबी लाइनें लग रही हैं। शिक्षा में भी कमी आई है, स्कूलों के रिजल्ट और सुविधाएं पहले जैसी नहीं रहीं। ट्रैफिक जाम, पानी की कमी और सफाई की ढील जैसी रोजमर्रा की समस्याएं बढ़ गई हैं। AAP का कहना है कि केजरीवाल मॉडल में बिजली बिल कम थे, पानी बेहतर आता था और स्वास्थ्य-शिक्षा में सुधार हुआ था, लेकिन अब सब बिगड़ गया है।