दिल्ली मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार दिल्ली मेट्रो के अनुशासनहीन यात्रियों पर नकेल कसने की तैयारी कर रहा है। लोकसभा में मेट्रो रेलवे (संचालन और रखरखाव) अधिनियम 2020 में संशोधन के लिए नया विधेयक पेश किया गया है। इसकी जानकारी केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने दी है। उन्होंने यह प्रस्ताव पेश कर इसका उद्देश्य मेट्रो परिसर में अनुशासनहीनता को रोकना और पुराने दंड विधानों को वर्तमान समय के अनुरूप अधिक प्रभावी बनाना आवश्यक बताया है।
मेट्रो यात्रियों को भरना होग भारी जुर्माना
मीडिया रिपेार्ट्स के मुताबिक, मेट्रो के भीतर गंदगी फैलाना या कोच में कुछ लिखता या चिपकाता है, तो एक हजार रुपये जुर्माना या छह माह की जेल या दोनों हो सकती है। अब इसे जुर्माना राशि को बढ़ाकर 10000 रुपये करने का सुझाव दिया गया है। बताया गया है कि इसका उद्देश्य आपराधिक मुकदमों के बोझ को कम करेगा। साथ ही, आर्थिक नुकसान के चलते यात्री डर और जिम्मेदारी के भाव की वजह से न तो मेट्रो स्टेशन को गंदा करेंगे और न ही कोच के रंग रूप को खराब करेंगे।
महिला कोच में प्रवेश करने पर 5000 का जुर्माना
इस प्रस्ताव में सुझाव दिया गया है कि कई पुरुष यात्री महिला कोच में प्रवेश करते हैं, जिसके लिए महज 250 रुपये का जुर्माना या 3 महीने की जेल या दोनों हो सकती है। अब नए प्रस्ताव में इस राशि को बढ़ाकर 5000 रुपये करने की बात कही गई है। इस जुर्माना राशि के चलते पुरुष यात्री महिला कोच में प्रवेश नहीं करेंगे, जिससे महिला आरक्षित डिब्बों की मर्यादा बनी रहेगी।
इन गतिविधियों पर भी लगेगा जुर्माना
मेट्रो परिसर में कई ऐसी गतिविधियां हैं, जिसके लिए 500 रुपये का जुर्माना है, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 2500 रुपये कर दिया गया है। नशे की हालत में हंगामा करना, मेट्रो कोच या प्लेटफॉर्म पर थूकना और मेट्रो के कोच में फर्श पर बैठने वाले यात्रियों के अलावा सह यात्रियों के साथ झगड़ा करने वाले और प्रतिबंधित या आपत्तिजनक सामग्री लेकर सफर करने वाले यात्रियों से यह राशि वसूली जाएगी।
आर्थिक दंड से सुधरेगी लोगों की 'गंदी आदत'
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार ने इस नए प्रस्ताव में जेल के प्रावधान को खत्म कर जुर्माना राशि को बढ़ाने के प्रावधान पर जोर डाला है। इस प्रस्ताव का नजरिया है कि भारी जुर्माना उन लोगों की गंदी आदत पर नकेल कसेगा, जो दिल्ली मेट्रो परिसर की मर्यादा को मामूली जुर्माना राशि के चलते ताक पर रख देते हैं। अब देखना होगा कि नए जुर्माना प्रावधान लागू होने के बाद दिल्ली मेट्रो के नियमों का पालन होता है या नहीं।










