Delhi Japan Model Yamuna Flood: दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता सरकार ने बाढ़ से बचाव के लिए एक नया प्लान बनाया है। बता दें राजधानी में मानसून के दौरान यमुना नदी में जल स्तर काफी बढ़ गया था, जिसकी वजह से दिल्ली के कई इलाकों को तबाही का सामना करना पड़ा था।
ऐसे में आने वाले दिनों में इस तरह की कोई नौबत न आए, इसके लिए सरकार पहले से ही तैयारी कर रही है। असामान्य बारिश और बाढ़ की बढ़ती संभावना और बारिश के पानी को इकट्ठा करके इसका इस्तेमाल कैसे किया जाए, इन्हीं सब मुद्दों को देखते हुए दिल्ली सरकार कई प्रस्तावों पर विचार कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, सरकार जापान मॉडल पर वॉटर डायवर्जन योजना बना रही है। जिस तरह जापान में मानसून और तूफान के दौरान शहर की प्रमुख नदियों के पानी को डायवर्ट करने की सुविधा विकसित की गई है, ठीक इसी तरह बाढ़ के दौरान यमुना नदी के पानी को भी डायवर्ट करने का प्लान बनाया जाएगा।
15 गड्डों को चिह्नित किया गया
सरकार के प्लान के तहत यमुना नदी के पानी को डायवर्ट करने के लिए भाटी माइंस में माइनिंग के दौरान इस्तेमाल किए गए 15 गड्डों को चिह्नित कर लिया गया है। इन गड्डों में करीब 5200 MLD बाढ़ का पानी इकट्ठा किया जा सकता है।
इसे साल में करीब 60 दिनों तक भरकर करीब 4200 मिलियन लीटर पानी स्टोर किया जा सकता है। इसके अलावा सिंचाई विभाग ने भी फ्लड प्लेन एरिया में 6 लोकेशन की पहचान की है, जहां पानी स्टोर कर सकते हैं। विभाग ने नॉर्थ बवाना एस्केप, साउथ ओल्ड बवाना एस्केप, सभापुर और तीन स्थानों को चिह्नित किया है।
जापान मॉडल क्या है ?
जापान मॉडल के तहत जापान के टोक्यो में मॉनसून और तूफान के दौरान प्रमुख नदियों और जलमार्गों में उफान कंट्रोल करने के लिए वॉटर डायवर्जन चैनल बनाया गया है। इस तरह के करीब 18 चैनल बनाए गए हैं। पहल के तहत 65 मीटर ऊंचाई और 32 मीटर व्यास वाले 5 कंक्रीट कटेनमेंट शाफ्ट बनाए गए हैं, जिसकी गहराई करीब 50 मीटर है और यह 6.4 किलोमीटर लंबी है।
नदियों के पानी को इकट्ठा करने के लिए वॉटर टैंक बनाए गए हैं, जिनकी कैपिसिटी करीब 6,70,000 क्यूबिक बताई जा रही है। पानी को पंप करने के लिए मोटर पंप भी लगाए गए हैं। नदियों के पानी को डायवर्ट करने के लिए 18 चैनल बनाए गए हैं। इसी तर्ज पर यमुना में बाढ़ के पानी को मोड़ने का भी प्लान किया जा रहा है।