Delhi Geriatric Ambulances: दिल्ली के बुजुर्गों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने जेरियाट्रिक एंबुलेंस को शुरू करने का फैसला लिया है। इसे लेकर दिल्ली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज सिंह ने कहा है कि सरकार जल्द 20 आधुनिक 'जेरियाट्रिक एंबुलेंस' शुरू करने जा रही है।
एंबुलेंस को सीनियर सिटीजन की मेडिकल जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। सभी एंबुलेंस मेडिकल सुविधाओं से लैस होंगी, जिससे इमरजेंसी स्थिति में सीनियर नागरिकों के लिए रिस्पॉन्स टाइम में सुधार होने के साथ ही बेहतर प्री-हॉस्पिटल देखभाल भी सुनिश्चित होगी।
एंबुलेंस की क्या खासियत है?
- स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज सिंह का कहना है कि शुरुआत में इसी तरह की 20 आधुनिक जेरियाट्रिक एंबुलेंस चलाई जाएंगी।
- सीनियर सिटीजन के अस्पताल को जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
- जेरियाट्रिक एंबुलेंस का उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में रिस्पॉन्स टाइम को कम करना और अस्पताल पहुंचने से पहले बेहतर इलाज देना है।
- मौजूदा समय में दिल्ली की CATS सेवा 331 एंबुलेंस का संचालन की जा रही है, जो टोल-फ्री नंबर 102 और 112 से जुड़ी है।
- नई एंबुलेंस शामिल होने के बाद दिल्ली में एंबुलेंस की कुल संख्या बढ़कर 351 हो जाएगी।
दिल्ली सरकार का उद्देश्य क्या है ?
बताया जा रहा है कि दिल्ली में सेंट्रलाइज्ड एक्सीडेंट एंड ट्रॉमा सर्विसेज (CATS) अपने सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम (टोल-फ्री नंबर 102) की सहायता से 331 एंबुलेंस चला रही हैं, जो 112 इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ERSS) के साथ भी कनेक्ट हो रखा है। 20 जेरियाट्रिक एंबुलेंस के कनेक्ट हो जाने के बाद दिल्ली में कुल एंबुलेंस की संख्या बढ़कर 351 हो जाएगी।
दिल्ली सरकार का उद्देश्य है कि एंबुलेंस 1000 तक बढ़ाया जाएगा। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने कहा कि सीनियर नागरिकों के लिए आधुनिक 'जेरियाट्रिक एंबुलेंस' की शुरुआत हमारी उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत एक ऐसा सिस्टम बनाया जाएगा, जो बुजुर्गों की जरूरतों को लेकर संवेदनशील हो।