DDA Flats: डीडीए के सबसे पुराने स्टाफ क्वॉर्टर को अब फिर से बनाया जाएगा। इस काम की जिम्मेदारी NBCC को दी गई है। बताया जा रहा है कि सफदरजंग डिवेलपमेंट एरिया और ओल्ड राजेंद्र नगर के स्टाफ क्वॉर्टर को फिर से बनाया जाएगा। यह स्टाफ क्वार्टर सबसे पुराने निर्माण में एक माना गया है। संभावना जताई जा रही है कि इस प्रोजेक्ट पर 775 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, NBCC ने इस प्रोजेक्ट के लिए DDA के साथ 2 अलग-अलग MOU पर साइन किए हैं। प्रोजेक्ट पर दोनों जगहों पर करीब 1.66 लाख वर्ग मीटर में बने कंस्ट्रक्शन एरिया को फिर से बनाया जाएगा। मौजूदा वक्त में ओल्ड राजेंद्र नगर में 117 फ्लैट्स और सफदरजंग डिवेलपमेंट एरिया में 152 फ्लैट्स हैं। इन फ्लैट्स को DDA के स्टाफ क्वार्टर के तौर पर इस्तेमाल किए गए हैं।
NBCC मैनेजमेंट कंसल्टेंट के तौर पर काम करेगी
प्रोजेक्ट में NBCC प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट के रूप में काम करेगी। इस प्रोजेक्ट के कमिशनिंग से लेकर क्रियान्वयन तक देखा जाएगा। NBCC का कहना है कि रीडिवेलपमेंट एक आत्मनिर्भर मॉडल है। प्रोजेक्ट में इन दोनों जगहों पर कुल 1.66 लाख वर्ग मीटर में बने कंस्ट्रक्शन एरिया को फिर से बनाया जाएगा।
NBCC का कहना है कि रीडिवेलपमेंट एक आत्मनिर्भर मॉडल है, जिसके तहत बनाए गए कंस्ट्रक्शन एरिया को पारदर्शी तरीके से बेचा जाएगा। इससे मिलने वाले फंड को प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। NBCC द्वारा हर जगह पर करीब 4 हेक्टयर का मास्टर प्लान तैयार करना, लागत और राजस्व मॉडल तैयार करना और प्रोजक्ट की DPR तैयार करना है।
मास्टर प्लान-2021 और CPWD मानकों के तहत सभी तरह की वैधानिक स्वीकृतियां लेना,आर्किटेक्चर और इंजिनियरिंग डिजाइन, टेंडर, ईपीसी आधारित निर्माण, थर्ड पार्टी क्वॉलिटी ऑडिट के साथ पूरा करना और कमीशनिंग करना भी NBCC का काम किया जाएगा। ओल्ड राजेंद्र नगर में प्रस्तावित टोल बिल्ट अप एरिया 99,635 स्क्वॉयर मीटर और सफदरजंग डिवेलपमेंट एरिया में यह 65,925 स्क्वॉयर मीटर है।
फ्लैट्स में सुविधाओं की कमी
इन प्रोजेक्ट के रीडिवेलपमेंट से DDA के पुराने पॉकेटों की भी उम्मीद बढ़ गई है। वहीं DDA के कई पुराने निर्माण जर्जर हालत में पड़े हैं, लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। DDA के निर्माण की उम्र 50 साल रहती है, वहीं काफी सारे निर्माण 35 से 40 साल पूरे कर चुके है। इन फ्लैट्स और निर्माण पुराने मापदंडों के आधार पर बनाए गए हैं, जिसकी वजह से फ्लैट्स में पार्क, जिम, कम्युनिटी सेंटर, ग्रीन एरिया, पार्किंग और लिफ्ट जैसी सुविधाओं की कमी है।