दिल्ली विकास प्राधिकरण, डब्ल्यूएफ इंडिया के सहयोग से संजय वन अर्थ आवर 2026 महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को प्रकृति की लय में ढालना है।

दिल्ली के सबसे बड़े वन क्षेत्रों में शुमार संजय वन अर्थ आवर 2026 महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। दिल्ली विकास प्राधिकरण, डब्ल्यूएफ इंडिया के सहयोग से आयोजित हो रहे इस महोत्सव में प्रकृति प्रेमियों ने हिस्सा लिया। यह मोहत्सव अर्थ ऑवर के 20 वर्षों के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। 

वन की भावना से जुड़ने का आह्वान

अर्थ आवर का उद्देश्य लोगों को वन की भावना से जोड़ना है। जिस तरह से दिल्ली में जिस तरह से प्रदूषण बढ़ रहा है, उसकी वजह प्रकृति से छेड़छाड़ भी है। लोगों के भीतर वनों के प्रति भावना लगभग कमजोर हो गई है या फिर पूरी तरह से समाप्त हो गई है। जो लोग प्रकृति के प्रति प्रेम रखते हैं, उन्हें प्रकृति की शरण में जाने के लिए दूर-दराज हिल स्टेशन का रूख करना पड़ता है। इस महोत्सव का उद्देश्य लोगों को प्रकृति की लय से जुड़ने का उद्देश्य है। 

बत्तियां बंद करने से शुरू हुआ था आंदोलन

अर्थ आवर के मुताबिक, बत्तियां बंद करने से आंदोलन शुरू हुआ था, जब अब एक वैश्विक आंदोलन बन चुका है। यह सार्थक कार्यों को प्रेरित करता है। वक्ताओं ने कहा कि अगर हम धरती के आगे आत्मसमर्पण कर दें तो हम हर किसी आपदा का सामने वृक्षों की तरह जड़ें जमाकर सामना कर सकते हैं। बता दें कि संजय वन अर्थ आवर महोत्सव में सैर, विशेषज्ञ सत्र, फोटोग्राफी, डायरी लेखन, योग समेत कई क्रियाएं शामिल हैं। यहां ऐसी गतिविधियां हैं, जो जंगल में अविस्मरणीय क्षण बनाते हैं।