CM Rekha Gupta Attack Case: दिल्ली हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमले के आरोपियों को झटका देते हुए ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग को स्वीकार करने से मना कर दिया है। बता दें कि यह मामला अगस्त 2025 का है, इस दिन सीएम रेखा गुप्ता सिविल लाइंस स्थित अपने आवास पर जन सुनवाई कर रही थी, उसी दौरान उन पर हमला कर दिया गया था। हमले का आरोप गुजरात के राजकोट के रहने वाले राजेशभाई खिमजीभाई और तहसीन रजा रफीउल्लाह शेख पर लगा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामले को लेकर हाईकोर्ट में जस्टिस अनूप जयराम बम्बानी ने आरोपियों द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई की है। याचिका में आरोपियों ने याचिका में उन पर लगाए गए आरोपों को चुनौती दी थी। लेकिन कोर्ट ने भी साफ तौर से कह दिया है कि ऐसा की वजह सामने नहीं आई है, जिसकी वजह से ट्रायल को रोक दिया जाए।
आरोपियों के मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच जरूरी
दिल्ली पुलिस की ओर से पेश वकील ने कहा है कि जल्द ही कोर्ट से आरोपियों के मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच करवाने की मांग होनी चाहिए। कोर्ट ने इस पर सहमति जताई है। कोर्ट का कहना है कि मोबाइल फोन इस मामले में कई अहम राज का खुलासा कर सकता है। कोर्ट ने फॉरेंसिक साइंस लैब को निर्देश देते हुए कहा है कि मोबाइल की जांच जल्द से जल्द पूरी होनी चाहिए, वहीं 4 हफ्ते के अंदर रिपोर्ट सौंप देनी चाहिए।
आरोपियों के वकील ने क्या कहा ?
दिल्ली हाई कोर्ट में आरोपियों के वकील की तरफ से दलील दी गई है कि 'अगर ट्रायल नहीं रोका गया तो 25 अप्रैल से गवाहों के बयान दर्ज होने शुरू हो जाएंगे। इससे उनके मुवक्किल को नुकसान हो सकता है।' कोर्ट ने इस दलील को खारिज कर दिया है।
जज ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा है कि 'जब तक यह साफ न हो कि कुछ गलत हो रहा है या होने वाला है, मैं किसी प्रक्रिया को रोकने में विश्वास नहीं रखता। मुझे ऐसा कुछ नहीं दिख रहा और मुझे अब तक समझ नहीं आया कि आप दिल्ली आए ही क्यों थे।'
कब होगी सुनवाई ?
पुलिस ने इस मामले में आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है, दोनों के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज है। मामले में 20 अगस्त को केस दर्ज किया गया था। कोर्ट ने दिसंबर में दोनों के खिलाफ आरोप तय कर दिए थे। अब मामले में अगली सुनवाई 25 अप्रैल से शुरू हो जाएगी, जिसमें गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे।