Jewar Airport: जेवर एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वाले किसानों को मुआवजा जल्दी दिलाने के लिए सरकार ने एक नई पहल शुरु की। इसके लिए गांव-गांव में जिलाधिकारी मेधा रूपम के निर्देशानुसार कैंप लगाए जा रहे हैं।

Jewar Airport: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विस्तार से प्रभावित जेवर के किसानों को मुआवजा देने का काम अब बहुत तेज और आसान हो गया है। जिला प्रशासन ने फाइलों के चक्कर और लंबी प्रक्रिया से राहत देने के लिए घर-घर संपर्क अभियान शुरू किया है। इससे भुगतान में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। अब किसानों को बार-बार दफ्तर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

3 अप्रैल से जेवर के 14 गांवों में रोजाना विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं। ये गांव हैं- थोरा, नीमका शाहजहांपुर, ख्वाजपुर, रामनेर, किशोरपुर, बनवारीबास, परोही, मुकिमपुर शिवारा, जेवर बांगर, सबौता मुस्तफाबाद, अहमदपुर चौरौली, दयानतपुर, बंकापुर और रोही। इन कैंपों में किसानों के सभी कागज मौके पर ही पूरे कर लिए जाते हैं ताकि मुआवजा जल्दी से जल्दी उनके बैंक खातों में पहुंच सके। जिलाधिकारी मेधा रूपम के निर्देश पर यह पूरा सिस्टम बनाया गया है।

एयरपोर्ट के फेज-3 और फेज-4 के तहत कुल 1838 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की गई है। किसानों को अब 4,300 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा दिया जा रहा है, जिसमें ब्याज भी शामिल है। पहले यह दर 3,100 रुपये प्रति वर्ग मीटर थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1200 रुपये प्रति वर्ग मीटर बढ़ाकर किसानों को बड़ी राहत दी है। उन्होंने किसानों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया था। कैंपों से कागजी काम आसान हो गया है और मुआवजा सीधे खातों में पहुंच रहा है। फेज-2 के किसानों को पहले ही मुआवजा मिल चुका है।

सितंबर 2025 तक 2400 हेक्टेयर जमीन के लिए करीब 7000 किसान परिवारों को 8000 करोड़ रुपये से ज्यादा मुआवजा दे दिया गया है। सरकार ने किसानों को कई विकल्प दिए हैं- बढ़ा हुआ मुआवजा, एकमुश्त आरटीजीएस भुगतान, 5 लाख रुपये या स्थायी नौकरी, और पुनर्वास कॉलोनी में प्लॉट। सात गांवों की 189 हेक्टेयर जमीन पर पुनर्वास कॉलोनी बनाई जा रही है, जहां करीब 1080 परिवारों को 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से भुगतान हो रहा है। इसके बाद यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण पुनर्वास कॉलोनी का काम शुरू करेगा। इस पूरी व्यवस्था से किसानों को कोई परेशानी नहीं होगी और मुआवजा पारदर्शी तरीके से मिलेगा।