AIMIM candidate Shifa ur Rehman: दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के प्रचार में अब कुछ ही दिन बाकी हैं, और सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियां अपनी पूरी ताकत के साथ चुनावी रण में उतर चुकी हैं। इस बीच, दिल्ली दंगों के आरोपियों को लेकर एक और अपडेट आया है। कड़कड़डूमा कोर्ट ने दिल्ली दंगों के आरोपी शिफा उर रहमान को चुनाव प्रचार के लिए कस्टडी पैरोल दे दी है। यह कदम तब आया है जब इससे पहले ताहिर हुसैन को भी पुलिस हिरासत में चुनाव प्रचार करने की अनुमति मिल चुकी थी।
शिफा उर रहमान को मिली कस्टडी पैरोल
शिफा उर रहमान, जो ओखला विधानसभा क्षेत्र से एआईएमआईएम के टिकट पर चुनावी मैदान में हैं, को कड़कड़डूमा कोर्ट ने 3 फरवरी तक कस्टडी पैरोल दी है। कोर्ट ने आदेश दिया कि शिफा उर रहमान कस्टडी पैरोल की अवधि में अपने घर पर रह सकते हैं और चुनाव प्रचार में भाग ले सकते हैं। इस आदेश से रहमान को अपनी चुनावी गतिविधियां जारी रखने का अवसर मिलेगा।
ताहिर हुसैन को भी मिली कस्टडी पैरोल
शिफा उर रहमान को कस्टडी पैरोल मिलने से कुछ दिन पहले, ताहिर हुसैन, जो मुस्तफाबाद विधानसभा क्षेत्र से एआईएमआईएम के उम्मीदवार हैं, को भी इसी तरह की राहत मिली थी। ताहिर हुसैन को 29 जनवरी से 3 फरवरी तक कस्टडी पैरोल मिली थी, जिससे वह चुनाव प्रचार कर सकते हैं। ताहिर हुसैन के मामले में भी सुप्रीम कोर्ट ने उनकी कस्टडी पैरोल की अवधि के दौरान चुनाव प्रचार की अनुमति दी थी।
दिल्ली चुनाव के प्रचार में गर्मी
दिल्ली विधानसभा चुनाव में प्रचार में अब जोर पकड़ चुका है। भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के दिग्गज नेताओं ने अपनी ताकत झोंक दी है। मंगलवार को भाजपा नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आम आदमी पार्टी पर तीखे हमले किए। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी अरविंद केजरीवाल पर सीधे हमले किए।
आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल ने भाजपा और कांग्रेस पर भी जोरदार प्रहार किए, खासकर यमुना के मुद्दे पर भाजपा को घेरा। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को दिल्ली में अपनी पहली चुनावी जनसभा को संबोधित किया। उनका यह भाषण उत्तर-पूर्वी दिल्ली के घोंडा विधानसभा क्षेत्र में हुआ, जो यमुना के खादर इलाके में स्थित है। यह रैली भाजपा के पक्ष में चुनावी माहौल बनाने की कोशिश थी। बता दें कि मोदी की दूसरी रैली 31 जनवरी को द्वारका क्षेत्र में प्रस्तावित है।
राजनीतिक रणनीतियों की दौड़
दिल्ली चुनाव 2025 में इस समय सियासी माहौल काफी गरम है और सभी पार्टियां अपनी जीत को लेकर संघर्ष कर रही हैं। भाजपा के लिए मोदी का समर्थन और शाह की रणनीतियां खास हैं, वहीं आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल दिल्ली के विकास और मुफ्त योजनाओं को लेकर आम जनता को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस के लिए राहुल गांधी के कड़े हमले और नए चुनावी घोषणापत्र को प्रमुख मुद्दा बना दिया गया है। दिल्ली दंगे के आरोपियों को चुनावी प्रचार के लिए राहत मिलने से चुनावी माहौल और भी जटिल हो गया है, और इसे लेकर राजनीतिक दलों के बीच चर्चाएं जारी हैं।
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