दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी मनीष शर्मा को रिहा कर दिया है। साथ ही, दिल्ली पुलिस को भी नोटिस जारी किया है।

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने यूथ कांग्रेस के एआई समिट में शर्टलेस प्रदर्शन के मामले में अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी सिद्धार्थ अवधूत को जेल से रिहा करने का आदेश जारी किया है। इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी मनीष शर्मा द्वारा अग्रिम जमानत याचिका पर भी दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया गया है। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मनीष शर्मा को 5 मार्च को जमानत मिल गई थी। उन्हें हिमाचल प्रदेश के शिमला के एक रिसॉर्ट से गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली पुलिस ने आरोप लगाया है कि AI इम्पैक्ट समिट विरोध में प्रदर्शनकारियों द्वारा पहनी गई टी-शर्ट को डिजाइन करने और प्रिंट करवाने में उसका मुख्य रोल था।

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने मनीष शर्मा को एआई समिट विरोध मामले में रिहा कर दिया है। मनीष शर्मा की अग्रिम जमानत पर नोटिस जारी करने के साथ ही गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा की मांग करने वाले आवेदन पर भी नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी।

बता दें कि पटियाला हाउस कोर्ट ने 28 फरवरी को भी इस मामले की सुनवाई की थी। अदालत ने कुबेर मीणा की 5 दिन और भूदेव शर्मा को 2 दिन की पुलिस कस्टडी बढ़ाई थी। दिल्ली पुलिस ने यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब समेत 14 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इन पर एआई समिट में शर्टलेस प्रदर्शन करने का आरोप है। उदय भानू चिब इस प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए थे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन के पीछे गहरी साजिश बताते हुए उदय भानू को भी गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई का कांग्रेस ने जमकर विरोध किया था।

जब दो राज्यों की पुलिस आपस में भिड़ गई 

यूथ कांग्रेस ने 20 फरवरी को भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में शर्टलेस प्रदर्शन किया था। इस शर्टलेस प्रदर्शन को लेकर भारत के दोनों बड़े राजनीतिक दल यानी भाजपा और कांग्रेस आमने सामने आ गए थे। मामले ने इतना तुल पकड़ा कि जब दिल्ली पुलिस संदिग्धों को पकड़ने के लिए हिमाचल पहुंची तो हिमाचल पुलिस ने संदिग्धों को छुड़वाकर अदालत में पेश कर दिया। अभी भी दोनों पार्टियों की तरफ से इस समिट को लेकर बहस जारी है।