वाड्रफनगर। एक तरफ पूरा देश आज महिलाओं के सम्मान में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मना रहा है तो वहीं दूसरी और आज भी दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में समाज का ऐसा तबका मौजूद है जो कड़े कानून के बाद भी महिलाओं को प्रताड़ित करने का काम कर रहा है। विकासखंड के बसंतपुर थाना क्षेत्र से भी एक ऐसा ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है जिसमें दुष्कर्म पीड़िता और उसके परिवार को दबंगों ने समाज से 12 साल से बहिष्कृत करने की सजा सुना दी।
इसके लिए बाकायदा दबंगों ने गांव में पंचायत बैठाई और पीड़ित महिला और उसके परिवार का सहयोग करने के बदले उन्हें ही सजा सुना दी। इस घटना के बाद अब महिला और उसके परिवार के सदस्यों ने एसडीओपी वाड्रफनगर से मामले की लिखित शिकायत करते हुए न्याय की गुहार लगाई है। अब मामला सामने आने के बाद जिला व पुलिस प्रशासन भी जांच के बाद कार्रवाई की बात कर रहा है।
यह है मामला
बताया जा रहा है कि बसंतपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रहने वाली युवती को उसके ही गांव के एक युवक ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया। इस दौरान युवती सात माह की गर्भवती भी हो गई। जब युवती ने युवक से शादी की बात की तो वह मुकर गया। युवती ने मामले की शिकायत पुलिस से की जिसके बाद पिछले माह ही पुलिस ने दुष्कर्म के आरोप में आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। आरोपी को जेल भेजने के बाद गांव में दबंगों ने पंचायत बुलाई और पीड़िता पर ही दबाव बनाते हुए पीड़िता के परिवार को ही दोषी ठहराकर सामाजिक दंड का निर्णय ले लिया। आरोप है कि पंचायत में यह फैसला सुनाया कि पीड़िता और उसके पूरे परिवार को 12 साल तक गांव के समाज से बहिष्कृत रखा जाएगा।
पंचायत का विवादित आदेश
दुष्कर्म पीड़िता गर्भवती महिला को समाज से बहिष्कृत करने की सजा सुनाकर भी गांव में दबंगों की प्रताड़ना खत्म नहीं हुई है। आरोप है कि पंचायत द्वारा पीड़िता के परिवार के सामने कुछ अपमानजनक शर्तें भी रखी गई हैं। बताया जा रहा है कि सरपंच ने कहा कि यदि पीड़िता का परिवार अपनी गलती स्वीकार करता है, तो उन्हें पूरे गांव के लोगों के पैर धोकर उस पानी से नहलाया जाएगा। इसके अलावा दंड के रूप में पूरे समाज को बकरा और शराब देने की भी बात कही गई है। इस तरह के फैसले को लेकर गांव में भी तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
एसडीओपी से शिकायत, न्याय की गुहार
इस घटना के बाद अब महिला और उसके परिवार के सदस्यों ने एसडीओपी वाड्रफनगर से मामले की लिखित शिकायत करते हुए न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और पंचायत द्वारा दिए गए इस फैसले की भी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
गर्भवती को नहीं मिल रही सुविधाएं
बड़ी बात यह है कि महिला एवं बाल विकास विभाग के पास गर्भवती महिलाओं के लिए शासन की अनेकों योजनाएं संचालित हैं। आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं का पंजीयन कर समय समय पर उनकी एएनसी जांच कराई जाती है, पोषण आहार प्रदान किया जाता है लेकिन दुष्कर्म पीड़िता को इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। गर्भवती महिला को टीकाकरण एवं पोषण हर दिए जाने के संबंध में वाड्रफनगर महिला बाल विकास अधिकारी विनय यादव ने बताया कि इस संबंध में हमारे विभाग में कोई जानकारी नहीं है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
एसडीएम नीरनिधि नन्देहा ने बताया कि, मामला प्रशासन के संज्ञान में आया है। दोनों पक्षों को बुलाकर बैठाया जाएगा और पूरे मामले की जांच के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा।









