लीलाधर राठी- सुकमा। गर्मी में आग को देखते सुकमा वनमंडल द्वारा वन क्षेत्रों की सुरक्षा हेतु व्यापक स्तर पर रोकथाम एवं जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। वनाग्नि की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सुकमा वनमंडल द्वारा लगभग 112 वन अग्नि प्रहरी नियुक्त किए गए हैं, जो वन विभाग के कर्मचारियों के साथ मिलकर वन क्षेत्रों में निगरानी करेंगे तथा आग लगने की स्थिति में तत्काल नियंत्रण कार्य में सहयोग करेंगे।
इनकी नियुक्ति चार माह की अवधि के लिए की गई है तथा प्रत्येक वन अग्नि प्रहरी को ₹10,000 प्रति माह मानदेय प्रदान किया जाएगा। आग पर त्वरित नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए इन वन अग्नि प्रहरियों को फायर ब्लोअर (Fire Blowers) जैसे आवश्यक उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिनकी सहायता से प्रारंभिक अवस्था में ही आग को बुझाने में मदद मिल सकेगी। इसके साथ ही वन विभाग ने जिले के ग्रामीणों एवं वन पर आश्रित समुदायों से वनाग्नि की घटनाओं को रोकने में सक्रिय सहयोग करने की अपील की है।

संवेदनशील क्षेत्रों में फायर लाइन का किया जाएगा निर्माण
वनाग्नि की रोकथाम के लिए वन विभाग द्वारा संवेदनशील वन क्षेत्रों में फायर लाइन (Fire Line) का भी निर्माण किया गया है। इन फायर लाइनों के माध्यम से जंगल में आग के फैलाव को रोकने में सहायता मिलती है और आग को सीमित क्षेत्र में नियंत्रित करना आसान होता है। वन विभाग द्वारा गांवों एवं वन परिक्षेत्रों में पोस्टरों तथा दीवार लेखन (Wall Writing) के माध्यम से जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। विभिन्न स्थानों पर वनाग्नि से बचाव से संबंधित प्रेरक नारों के साथ दीवार लेखन कराया गया है, ताकि आमजन को वनाग्नि के कारणों, उससे होने वाले नुकसान तथा बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया जा सके।
वनाग्नि नियंत्रण कक्ष किया जाएगा स्थापित
इसी क्रम में हाल ही में आयोजित तेंदूपत्ता संग्रहण कार्यशालाओं के दौरान भी ग्रामीणों एवं तेंदूपत्ता संग्राहकों को वनाग्नि से होने वाले दुष्परिणामों तथा उसकी रोकथाम में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में अवगत कराया गया। उन्हें यह भी बताया गया कि यदि कहीं वनाग्नि की घटना दिखाई दे तो तत्काल वन विभाग को सूचना दें और ऐसी किसी भी गतिविधि से बचें जिससे जंगल में आग लगने की संभावना हो। वनाग्नि की घटनाओं पर त्वरित नियंत्रण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सुकमा वनमंडल द्वारा वनाग्नि नियंत्रण कक्ष (Fire Control Room) भी स्थापित किया गया है। इसके लिए एक हेल्पलाइन नंबर 7587016212 जारी किया गया है, जिस पर आम नागरिक वनाग्नि की सूचना तुरंत वन विभाग को दे सकते हैं।आज दिनांक तक मिली सूचना पर विभाग ने त्वरित करवाई की है ।इससे विभाग को समय रहते कार्रवाई करने में सहायता मिलेगी।

वन विभाग ने लोगों से वनाग्नि रोकथाम करने की अपील
वन विभाग ने जिले के सभी ग्रामीणों, वनांचल के निवासियों एवं तेंदूपत्ता संग्राहकों से अपील की है कि वे वनाग्नि की रोकथाम में विभाग का सहयोग करें। वन हमारे पर्यावरण, जैव विविधता और आजीविका का महत्वपूर्ण आधार हैं, इसलिए इनकी सुरक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। सुकमा वनमंडल वन संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है और सभी नागरिकों से अपील करता है कि वे सतर्क रहें तथा किसी भी वनाग्नि की सूचना तत्काल वन विभाग को देकर इस महत्वपूर्ण प्रयास में भागीदार बनें।







