haribhoomi hindi news
लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पास न होने पर सियासी घमासान तेज, बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशाना तो टीएस सिंहदेव ने इसे संविधान की जीत बताया।

रायपुर। लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक के पास न होने के बाद देशभर में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। छत्तीसगढ़ में भी इस मुद्दे को लेकर सियासत गरमा गई है, जहां बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं। एक ओर बीजेपी ने कांग्रेस पर महिलाओं के साथ अन्याय का आरोप लगाया, वहीं कांग्रेस नेताओं ने इसे संविधान और लोकतंत्र की जीत बताया है।

बीजेपी का कांग्रेस पर तीखा हमला
महिला आरक्षण बिल के लोकसभा में पास न होने के बाद बीजेपी ने सोशल मीडिया के जरिए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। पार्टी ने अपने पोस्ट में कहा कि पिछले 78 वर्षों तक महिला सशक्तिकरण केवल भाषणों तक सीमित रहा।

संकीर्ण राजनीति करने के आरोप
बीजेपी ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में सोच बदली है और “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” लाकर महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाया गया। पोस्ट में कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर संकीर्ण राजनीति करने का आरोप लगाते हुए यह भी कहा गया कि इस फैसले से देश की 70 करोड़ महिलाओं की उम्मीदों को ठेस पहुंची है।

टीएस सिंहदेव का पलटवार, बताया ‘संविधान की जीत’
इस मुद्दे पर छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री T. S. Singh Deo (टीएस बाबा) ने भी सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे संविधान और लोकतंत्र की जीत बताते हुए कहा कि यह संविधान संशोधन विधेयक यदि पास हो जाता, तो यह पहले से कमजोर हो रहे लोकतंत्र के लिए घातक साबित हो सकता था। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा- “संविधान की जीत हुई। लोकतंत्र की जीत हुई। आखिरकार इस संविधान संशोधन विधेयक का अंत हुआ।”

राहुल गांधी के बयान का भी जिक्र
टीएस सिंहदेव ने अपने बयान में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, बल्कि 2023 में सर्वसम्मति से पारित कानून को लागू करने के पक्ष में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस तत्काल प्रभाव से महिला आरक्षण लागू करने के लिए तैयार है, लेकिन इसके नाम पर संघीय ढांचे के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।

संघीय ढांचे और राज्यों के अधिकार का मुद्दा
कांग्रेस नेताओं ने इस पूरे विवाद को केवल महिला आरक्षण तक सीमित न रखते हुए इसे संघीय ढांचे और राज्यों के अधिकारों से भी जोड़ा है। टीएस सिंहदेव ने कहा कि देश के किसी भी राज्य के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और संविधान पर किसी भी प्रकार का हमला स्वीकार नहीं होगा।

सियासी संग्राम जारी
महिला आरक्षण बिल को लेकर संसद से लेकर राज्यों तक सियासत तेज हो गई है। जहां बीजेपी इसे महिलाओं के सशक्तिकरण से जोड़ रही है, वहीं कांग्रेस इसे संवैधानिक और संघीय संतुलन के नजरिए से देख रही है।

(छत्तीसगढ़ के जिले, कस्बे और गांवों की खबरों के लिए हरिभूमि का "ई-पेपर" पढ़ें। यहां क्लिक करें "epaper haribhoomi" या प्लेस्टोर से "हरिभूमि हिंदी न्यूज़" App डाउनलोड करें।)

7