रायपुर। व्यावसायिक परीक्षा मंडल के स्थान पर बनाया गया कर्मचारी चयन बोर्ड महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षाएं भी लेगा। हालांकि काउंसिलिंग कर्मचारी चयन बोर्ड नहीं करेगा। पूर्व की भांति संबंधित विभाग, महाविद्यालयों अथवा विश्वविद्यालयों द्वारा ही काउंसिलिंग शेड्यूल जारी कर दाखिले की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी।
गौरतलब है, राज्य सरकार द्वारा व्यावसायिक परीक्षा मंडल को भंग करने का निर्णय ले लिया गया है। इसके स्थान पर कर्मचारी चयन बोर्ड गठित किया जाएगा। विधानसभा के बजट सत्र में इसके अनुमोदन पश्चात सामान्य प्रशासन विभाग ने नोटिफिकेशन जारी करने के लिए राजभवन को नोटशीट भेजा है। नोटिफिकेशन के राजपत्र में प्रकाशन पश्चात व्यापम भंग हो जाएगा। व्यापम को जिन विभागों द्वारा प्रवेश परीक्षा आयोजित करने आवेदन प्राप्त होते हैं वे उनकी परीक्षाएं आयोजित कराकर परिणाम सौंप देता है। काउंसिलिंग, दस्तावेज सत्यापन से लेकर चयन सूची जारी करने तक की प्रक्रिया उक्त विभाग को ही करनी होती है। कर्मचारी चयन बोर्ड की स्थापना के बाद यह व्यवस्था बंद होगी। परीक्षा आयोजित किए जाने से लेकर संबंधित विभाग के लिए चयन सूची जारी किए जाने तक का कार्य कर्मचारी चयन बोर्ड ही करेगा।
जारी रहेंगे आवेदन
हर व्यापम ने विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं के लिए आवेदन प्रारंभ कर दिए हैं। ये आवेदन पूर्व की ही तरह जारी रहेंगे। व्यापम द्वारा पूरे सत्र के लिए कैलेंडर पूर्व में ही जारी की जा चुकी है। इनमें प्रवेश परीक्षाओं सहित विभिन्न विभागों के लिए आयोजित की जाने वाली भर्ती परीक्षाएं भी शामिल हैं। अंदरुनी सूत्रों के अनुसार, भर्ती परीक्षाओं के संदर्भ में विस्तृत दिशा-निर्देश आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी, लेकिन प्रवेश परीक्षाएं पूर्व निर्धारित तिथियों में ही आयोजित होगी। केवल परीक्षा कराने वाली संस्था का नाम परिवर्तित होगा। प्रवेश परीक्षाओं की अन्य व्यवस्थाएं पूर्ववत ही रहेंगी। अब तक व्यापम इंजीनियरिंग और कृषि पाठ्यक्रमों के साथ नर्सिंग, बीएड-डीएलएड सहित दस से अधिक प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करता रहा है।
अध्यक्ष तय, तीन सदस्यों का इंतजार
व्यापम अध्यक्ष आईएएस रेणु पिल्ले कर्मचारी चयन मंडल की पहली अध्यक्ष होंगी। अध्यक्ष के अलावा कर्मचारी चयन बोर्ड में तीन अन्य सदस्य भी होंगे। इस तरह से चार लोगों का बोर्ड होगा। चेयरमैन के लिए निर्धारित क्राइटेरिया के अनुसार, उन्हें प्रमुख सचिव और एसीएस के बीच का वर्तमान या रिटायर आईएएस अफसर होना चाहिए। अन्य तीन सदस्य ज्वाइंट सिक्रेट्री लेवल के अधिकारी, शिक्षाविद या प्रोफेशनल हो सकते हैं।