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रायपुर। छत्तीसगढ़ में जल्द होने वाले नगरीय निकाय चुनाव में इस बार आरक्षण की प्रक्रिया के तहत वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया तय की गई है। अब एसी, एसटी, तथा ओबीसी के लिए आरक्षित वार्डों में से एक तिहाई वार्ड इन वर्ग की महिलाओं के लिए लॉट निकालकर आरक्षित किए जाएंगे। इसमें आरक्षण चक्रानुक्रम के आधार पर होगा।
राज्य सरकार के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने आरक्षण प्रक्रिया के संबंध में राज्य के सभी जिलों के कलेक्टरों को मार्गदर्शी सिद्धांत तैयार कर भेजा। इससे पहले राज्य के कलेक्टरों को उनके जिलों में होने वाले चुनाव के लिए विहित अधिकारी नियुक्त किया था। अब कलेक्टरों को बताया गया है कि किस तरीके से वार्डों में आरक्षण की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। निकाय में अनुसूचित जाति, वार्डों की संख्या का निर्धारण उप नियम 1 के तहत किया जाएगा। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के वार्डों का आरक्षण जनसंख्या पर आधारित है, जबकि पिछड़ा वर्ग प्रवर्ग आरक्षण लॉट पद्धति से किया जाएगा। सबसे पहले अनुसुचित जाति प्रवर्ग के वार्डों का आरक्षण एवं इसके अनुक्रम में अनुसूचित जाति प्रवर्ग में का आरक्षण एवं इसके अनुक्रम में अनुसूचित जनजाति महिला प्रवर्ग का आरक्षण किया जाएगा।
वार्ड में एससी एसटी 50 प्रतिशत तो ओबीसी आरक्षण नहीं
अनुसूचित जातियों तथा अनुसूचित जनजातियों के लिए जहां 50 प्रतिशत से कम स्थान आरक्षित किए गए हों वहां यथा संभव निकटतम रूप से कुल वार्डों की संख्या के 50 प्रतिशत की अधिकतम सीमा के अध्याधीन रहते हुए शेष स्थान अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए उनकी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षित किए जाएंगे। तथा ऐसे वार्ड लॉट द्वारा आवंटित किए जाएंगे। लेकिन एससी एसटी के लिए कुल आरक्षण 50 प्रतिशत या इससे अधिक हो तो अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए कोई स्थान आरक्षित नहीं होगा।
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एक तिहाई वार्ड महिलाओं के लिए
एससी, एसटी तथा अन्य पिछड़ा वर्गों के लिए आरक्षित वार्डों में से एक तिहाई वार्ड यथा स्थिति इन प्रवर्ग की महिलाों के लिए लॉट से निकाल कर आरक्षित किए जाएंगे। जिसमें आरक्षण चक्रानुक्रम के आधार पर होगा। एससी, एसटी, ओबीसी के आरक्षण के बाद शेष वार्ड अनारक्षित होंगे। एससी, एसटी तथा ओबीसी वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित वाडों की संख्या, कुल वार्डों के एक तिहाई भाग से कम होने पर अनारक्षित प्रवर्ग में से चक्रानुक्रम पद्धति से महिला प्रवर्ग का आरक्षण वाडों की कुल संख्या के एक तिहाई भाग तक
सुनिश्चित किया जाएगा।
चक्रानुक्रम ऐसे होगा तय
नगरीय निकायों के वार्डों के आरक्षण वर्ष 2024 में वाडौं के आरक्षण के दौरान चक्रानुक्रम रीति से आरक्षण की स्थिति निर्मित होने पर वर्ष 2004, 2009, 2014, एवं 2019 में किए गए आरक्षण तो चक्रानुक्रम रीति के लिए आधार माना जाएगा।
