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केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर लोकसभा में यह स्पष्ट कर चुके हैं कि किसी भी उपभोक्ता पर प्रीपैड कनेक्शन थोपा नहीं जाएगा। उपभोक्ता चाहे तो प्रीपैड कनेक्शन का विकल्प चुन सकते हैं।

रायपुर। प्रदेश भर के बिजली उपभोक्ताओं के लिए यह एक बड़ी राहत की खबर है कि अब स्मार्ट मीटर लगाने वाले किसी भी उपभोक्ता को कनेक्शन प्रीपैड करने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। उपभोक्ता अपनी मर्जी से पोस्ट पैड या फिर प्रीपैड का चयन कर सकेंगे। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर लोकसभा में यह स्पष्ट कर चुके हैं कि किसी भी उपभोक्ता पर प्रीपैड कनेक्शन थोपा नहीं जाएगा। उपभोक्ता चाहे तो प्रीपैड कनेक्शन का विकल्प चुन सकते हैं।

ऐसे में अब तय हो गया है कि प्रदेश में भी प्रीपैड की बाध्यता नहीं होगी। छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि जैसा केंद्र सरकार का निर्देश होगा, उसी के हिसाब से काम होगा। लेकिन सरकार कनेक्शनों को यहां पर प्रीपैड करने की तैयारी अब भी चल रही है। इसका फैसला प्रदेश सरकार ने ही किया है। ऐसे में सरकारी विभागों के कनेक्शन जरूर प्रीपैड हो जाएंगे अगर प्रदेश सरकार ने अपना फैसला नहीं बदला तो।

प्रदेश के 60 लाख से ज्यादा बिजली उपभोक्ताओं के मीटरों को बदलकर स्मार्ट मीटर लगाने का काम चल रहा है। अब तक 35 लाख से ज्यादा स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। बचे मीटरों को भी लगाने का काम चल रहा है। स्मार्ट मीटर योजना का जब प्रारंभ किया गया था तब यही कहा गया था कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद सारे कनेक्शनों को प्रीपैड कर दिया जाएगा और रीचार्ज कराने पर ही बिजली मिलेगी। प्रीपैड कनेक्शन को पहले अनिवार्य बताया जा रहा था। कई राज्यों में कनेक्शन प्रीपैड कर दिए गए हैं।

एक्ट में प्रावधान ही नहीं
उम्र में उपभोक्ताओं के कनेक्शनों को प्रीपैड कर दिया गया है। इसके बाद इसको लेकर राज्य उपभोक्ता परिषद ने इस पर सवाल खड़ा किया था और बताया गया था कि यह विद्युत अधिनियम की धारा 2003 की धारा 47 (5) का उल्लंघन है। इस धारा में प्रीपैड का कोई प्रावधान ही नहीं है।

ऐसे में जब यह मामला लोकसभा में उठा तो केंद्रीय मंत्री मनोहर खट्टर ने भी इसी धारा का उल्लेख करते हुए बताया कि इस धारा में प्रीपैड अनिवार्य नहीं है। उपभोक्ता चाहे तो यह विकल्प चुन सकते हैं। इसी के साथ उन्होंने यह भी बताया कि जिन भी राज्यों में उपभोक्ताओं ने प्रीपैड को चुना है, वहां पर उपभोक्ताओं को फायदा होने के साथ पॉवर कंपनियां का घाटा भी समाप्त हो गया है। अब तो केंद्रीय ऊर्जा प्राधिकरण ने संशोधित अधिसूचना भी जारी कर दी है। 

अब भी सरकारी कनेक्शन प्रीपैड करने की तैयारी
प्रदेश में सरकारी कनेक्शनों को प्रीपैड करने की तैयारी चल रही है। वैसे तो ये अप्रैल से हो जाने थे, लेकिन ब्लाक स्तर के जिन 45 हजार कनेक्शनों को प्रीपैड किया जाना है, उनके द्वारा रीचार्ज न कराने के कारण अब अगले माह से इन कनेक्शनों को प्रीपेड करने की तैयारी है। पॉवर कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि अब तक प्रदेश सरकार की तरफ ने इन कनेक्शनों को प्रीपेड न करने के बारे में कोई निर्देश नहीं है। ऐसे में आज की स्थिति में इनको प्रीपैड करने की तैयारी चल रही है। अगर प्रदेश सरकार ने कनेक्शनों को प्रीपेड करने से मना कर दिया तभी ये कनेक्शन प्रीपेड नहीं होगे। 

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