इंदर कोटवानी- तिल्दा। छत्तीसगढ़ के तिल्दा तहसील के देवरी घुलघुल ग्राम पंचायत में प्रस्तावित अग्रसेन स्टील एंड पावर के लिए पर्यावरण स्वीकृति के लिए 8 अप्रैल को आयोजित जनसुनवाई का ग्रामीणों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस जमीन पर स्पंज पावर लगाए जाना प्रस्तावित है वह जमीन चारागाह के लिए सुरशित है, यहाँ दोनों पंचायतो के मवेशी दशको से चरते आ रहे हैं। लेकिन अब बेजुबान जानवरों चारागाह वाली इस जमीन पर कारखाना खोलने की योजना बनाई गई है।
घुलघुल देवरी के ग्रामीणों ने कहा कि हम अपने गांव में फैक्ट्री नहीं खुलने देंगे। इसके लिए बुधवार को देवरी गांव में बैठक कर एक स्वर में विरोध करने का निर्णय लिया गया इसके पहले भी गाव वाले सामूहिक बैठक कर कारखाना खोलने का विरोध किया जा चूका है ,गुरुवार हनुमान जयंती पर घुलघुल झोने वाली जन सुनवाई के विरोध में गाव में बैठक बुलाई गई है। प्रस्तावित स्पंज एवं पावर के लिए जनसुनवाई देवरी ग्राम पंचायत से बाहर घुलघुल गांव में रखी जा रही है। ताकि देवरी गाव के ग्रामीण पंडाल लगाने का विरोध न कर सके। लेकिन अब घुलघुल पंचायत के लोग भी विरोध पर उतर आए है, खासकर दोनों गांव की नारी शक्ति ने विरोध के लिए उग्र रूप धारण कर लिया है। उधर फैक्ट्री के विरोध में न केवल अल्दा बल्कि पास के ग्राम पंचायत छपोरा, रजिया, खुड्मुडी के सरपंच और पांच भी विरोध में आ गए हैं।
पूर्व सरपंच ने भी जताया विरोध
घुलघुल ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच एवं कृषक विजय राजपूत ने कहा कि एक तरफ सरकार पंचायत के प्रस्ताव अथवा निर्णय को सर्वोपरि मानने की बात करती है। दूसरी तरफ जब पंचायत प्रस्तावित कारखाना का विरोध कर रही है। बावजूद जनसुनवाई की तारीख मुकर्रर कर दी गई है। विजय राजपूत ने कहा कारखाना खुलने का हम विरोध करते है। अगर जनसुनवाई रद्द नहीं की गई तो हम इसका खुलकर विरोध करेंगे। विरोध के दौरान कोई अप्रिय घटना घटती है तो सारी जावेदारी प्रशासन पर रहेगी।
पंचायत ने नहीं दी है NOC
ग्राम पंचायत देवरी वार्ड 5 की पंच इश्वरी वर्मा ने प्रस्तावित जनसुनवाई का विरोध करते हुए कहा कि पंचायत के द्वारा कंपनी खोलने के लिए ना तो एनओसी दी गई है ना ही समर्थन दिया गया है। इसके पहले जब जनसुनवाई की तारीख तय की गई थी तो ग्रामीणों के विरोध के बाद आश्वासन दिया गया था कि ग्राम पंचायत के बिना सहमति के जनसुनवाई नहीं कराइ जाएगी। लेकिन प्रशासन द्वारा एक तरफा निर्णय लेकर 8 अप्रैल को जनसुनवाई के लिए तारीख, स्थान और समय तय कर लिया है। जिसका ग्राम पंचायत की हम सभी महिला पंच विरोध करती है और चेतावनी देते हैं कि हमारी बातों को हल्के में कतई ना लेवे।