पंकज गुप्ते- बिलासपुर। राज्य सरकार के नई आबकारी नीति को चुनौती देते हुए लगाई गई याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट जस्टिस नरेश चंद्रवंशी की कोर्ट ने स्टे वाले आवेदन को रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट ने शासन की पॉलिसी में किसी भी प्रकार की कोई त्रुटि नहीं पाया। साथ ही याचिका में प्लास्टिक की बोतल से स्वास्थ्य को नुकसान होने का जिक्र किया गया था उसमें हाईकोर्ट ने शासन से दो सप्ताह में जवाब मांगा है।
दरअसल, ऋषि इंटरप्राइजेज ने शासन की नई आबकारी नीति के खिलाफ याचिका दायर कर प्लास्टिक बॉटलिंग पर सवाल उठाया था। साथ ही इस पॉलिसी पर रोक लगाने की मांग की थी। याचिकाकर्ता ने इस पॉलिसी को लोगों के स्वास्थ्य को हानि होना और उस पॉलिसी में रोक लगाने की मांग की थी। अब मामले में दो सप्ताह बाद फिर सुनवाई होगी।
1 अप्रैल को किया गया बदलाव
छत्तीसगढ़ की नई आबकारी नीति (2026-27) के तहत 1 अप्रैल 2026 से शराब बिक्री में बड़ा बदलाव किया गया है, जिसके अनुसार सरकारी दुकानों में अब कांच की बोतलों के स्थान पर प्लास्टिक की बोतलों में शराब बेची जाएगी। इस नीति का उद्देश्य परिवहन लागत को कम करना और राजस्व बढ़ाना है। इस बदलाव से देशी-विदेशी शराब की कीमतों में बदलाव और कुछ हद तक कमी आने की उम्मीद है।







