Logo
राज्य सहकारी संघ मुख्यालय में बुधवार को सहकारिता से जुड़े विभिन्न अंगो की एक बैठक हुई। बैठक में सहकारी प्रशिक्षण को सुचारू रूप से चलाने की दिशा में निर्णय लिए गए।

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक वित्तीय वर्ष 2026-27 के वार्षिक सहकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम के क्रियान्वयन और रूपरेखा तय करने के लिए राजधानी रायपुर स्थित संघ मुख्यालय चौबे कॉलोनी रायपुर में आयोजित की गई। बैठक में शीर्ष सहकारी संस्थाएं, इफको, कृभको, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक एवं विभिन्न जिलों से जिला सहकारी संघ के अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में आगामी वर्ष के लिए सहकारी संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण, सदस्यता विस्तार एवं सहकारी प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सहकारिता को बढ़ावा देने एवं सहकारी से समृद्धि की परिकल्पना को साकार करने पर जोर दिया गया। 

सभी समितियों को निभानी होगी सक्रिय भूमिका : पूर्णिमा सिंह  
बैठक की अध्यक्षता कर रहीं राज्य सहकारी संघ की प्रबंध संचालक पूर्णिमा सिंह ने अधिकारियों ने कहा कि, 'सहकार से समृद्धि' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी समितियों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। इस वार्षिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के द्वारा हम इस लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा के लिए प्रत्येक त्रैमासिक पर समीक्षा बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि, वर्ष 2026-27 के वार्षिक सहकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए प्रस्तावित बजट के अनुसार कार्यक्रम आयोजित किए जायें। 

State Cooperative Union Meeting

सहकारी संस्थाओं की ओर से दिए गए सुझाव
बैठक में उपस्थित सहकारी संस्थाओं के अधिकारियों द्वारा सुझाव भी दिया गया। इफको से आये अधिकारी दिनेश गांधी ने वार्षिक प्रशिक्षण कार्यक्रम में पैक्स-लैम्पस के अलावा अन्य समितियों के लिए भी प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किये जाये, जिसमें मुख्यत: व्यवसाय विकास योजना को शामिल किया जाये। 

जिला सहकारी संघ दुर्ग ने मांगा प्रशिक्षक 
जिला सहकारी संघ दुर्ग के प्रबंधक कमलेश श्रीवास्तव ने जिला दुर्ग के लिए भी प्रत्येक माह सहकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार कर प्रशिक्षण आयोजित करने का आश्वासन दिया तथा राज्य सहकारी संघ से प्रशिक्षक उपलब्ध कराने हेतु निवेदन किया गया। अंत में उपस्थित सदस्यों से अपील की गई कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सहकारिता की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करें और अधिक से अधिक लोगों को सहकारिता से जोड़ें।

7