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रेत माफिया अब बेखौफ होकर रेत का अवैध कारोबार कर रहे हैं। इसके कारण इस क्षेत्र में खदानों में भी रेत का अवैध रूप से उत्खनन किया जा रहा है।

रायपुर। आरंग क्षेत्र में रेत खदानों पर खनिज विभाग का नियंत्रण नहीं रहा। इसके कारण पर्यावरण विभाग से एनओसी नहीं मिलने के बाद भी खदानों में रेत का अवैध उत्खनन, परिवहन के साथ भंडारण भी किया जा रहा है। क्षेत्र में रेत माफिया का इतना खौफ है कि इन्हें रोकने के लिए विभाग के अधिकारी से लेकर पुलिस प्रशासन भी कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। इससे जुड़ा एक ताजा मामला समोदा उप तहसील क्षेत्र का आया है, जहां रेत का अवैध भंडारण की जगह पर लगे विद्युत खंभों को एक हाईवा ने टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया है। इधर इस मामले में क्षेत्रीय पुलिस आरोपी हाईवा के चालक या मालिक के खिलाफ कार्रवाई करना तो दूर, घटना की जानकारी होने से भी इनकार कर रही है, जबकि इस घटना का विडियो और तस्वीरें तक सोशल मीडिया में वायरल हो चुकी है।

आरंग क्षेत्र के उप तहसील समोदा क्षेत्र में रेत माफिया अब बेखौफ होकर रेत का अवैध कारोबार कर रहे हैं। इसके कारण इस क्षेत्र में खदानों में भी रेत का अवैध रूप से उत्खनन किया जा रहा है। बारिश का सीजन शुरू होने वाला है, जिसके बाद नदी का जल स्तर भी बढ़ जाएगा। जल स्तर बढ़ने के कारण नदी के सभी किनारे भी पानी में डूब जाएंगे, जिसके कारण रेत का उत्खनन होना बंद हो जाएगा। प्रशासन भी बारिश के सीजन में जून से अक्टूबर के प्रथम पखवाड़े तक रेत के उत्खनन पर रोक लगाता है। इसे देखते हुए रेत माफिया ने रेत उत्खनन का काम और तेज कर दिया है। सूत्रों के अनुसार समोदा क्षेत्र की हरदीडीह खदान के समीप कई सुनसान जगहों पर रेत का अवैध भंडारण किया जा रहा है। इसकी शिकायत विभाग के अधिकारियों तक पहुंच चुकी है, लेकिन इसके बाद भी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

नाव से नदी में उतरकर कर रहे थे रेत चोरी

समोदा क्षेत्र वही है, जहां फरवरी में रेत माफिया के कुछ लोग नदी में नाव उतार कर रेत चोरी करते पकड़े गए थे। खनिज विभाग की टीम ने यहां से दो नाव, बड़ा गोला पीबीसी पाइप और हैवी पॉवर वाला टुल्लू पंप जब्त किया था। लोग नदी के किनारे टुल्लू पंप लगाकर उसमें पाइप का कनेक्शन जोड़कर नाव के जरिए नदी के बीच तक ले गए थे। इसके बाद लोग पाइप में पानी के साथ रेत डालते थे और टुल्लू पंप के माध्यम से खींचकर रेत को नदी से बाहर निकालते थे। विदित हो कि आरंग क्षेत्र में रेत की 12 खदानें हैं। इनमें से सिर्फ 6 खदानों को ही सीआ से एनओसी मिली है, जबकि 6 खदानों को अब तक एनओसी नहीं मिल पाया है। इसके बाद भी इनमें से कई खदानों में अवैध रूप से रेत का उत्खनन  व परिवहन  किया जा रहा है।  बताया जा रहा है कि आरंग क्षेत्र के समोदा में जगह - जगह पर रेत का अवैध भंडारण  किया हुआ है। जिसे रेत माफिया डिमांड के अनुसार अपने लोगों के माध्यम से धीरे - धीरे हाईवा से परिवहन कराकर हजारों  लाखों रुपये कमा रहे हैं।  

विद्युत खंबे क्षतिग्रस्त मामले में पुलिस का कहना- हमें जानकारी नहीं

समोदा क्षेत्र में रेत का अवैध भंडारण स्थल पर एक हाईवा की टक्कर से बिजली के चार खंबे पूरी क्षतिग्रस्त  हो गए हैं। इसके कारण इस क्षेत्र में बिजली भी बंद हो गई थी। इस मामले में हरिभूमि ने आरंग थाना प्रभारी से मोबाइल पर संपर्क साधा। मोबाइल पर थाना के प्रभारी निरीक्षक साहू ने उठाया। उन्होंने बताया कि थाना प्रभारी छुट्टी पर गए हुए हैं। उनकी जगह उन्हें फिलहाल थाना का प्रभार सौंपा गया है। उन्होंने बताया कि उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं है। अगर घटना हुई है, तो बिजली विभाग इसकी शिकायत थाने में करेगा, तब हम कुछ कर पाएंगे।


 

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