सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में हुए वेदांता प्लांट हादसे में अब तक 22 मजदूरों की मौत हो गई है। इस मामले में वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद भाजपा सांसद और उद्योगपति नवीन जिंदल ने सोशल मीडिया में पोस्ट कर गंभीर आपत्ति जताई है।
इस त्रासदी का उल्लेख करते हुए श्री जिंदल ने कहा कि, छत्तीसगढ़ की यह त्रासदी अत्यंत पीड़ादायक है। 20 परिवारों ने सब कुछ खो दिया है। प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा, आजीविका सहायता और गहन जाँच, ये सभी अनिवार्य हैं। साथ ही, तथ्यों के स्थापित होने से पहले श्री अग्रवाल का नाम एफआईआर में शामिल किए जाने के फैसले पर उन्होंने कड़ा सवाल उठाया और कहा कि, लेकिन किसी भी जांच से पहले अनिल अग्रवाल वेद @AnilAgarwal_Ved का नाम एफआईआर में डालना गंभीर चिंताएँ पैदा करता है।
Industry chambers @FollowCII, @ASSOCHAM4India, @ficci_india, @phdchamber and @ICC_Chamber, you have a responsibility beyond conferences and policy papers.
— Naveen Jindal (@MPNaveenJindal) April 18, 2026
When due process is bypassed and investor confidence is threatened, as in the case of the baseless FIR filed against Shri… https://t.co/4toxlKkCTW
अनिल अग्रवाल के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं
वे एक साधारण और पिछड़े समुदाय की पृष्ठभूमि से उठकर अपने दम पर एक वैश्विक उद्यम खड़ा करने वाले व्यक्ति हैं। उस प्लांट के संचालन में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। विभिन्न क्षेत्रों में अपनाए जा रहे मानकों की असंगति को रेखांकित करते हुए श्री जिंदल ने कहा कि, जब पीएसयू प्लांट्स या रेलवे में हादसे होते हैं, तो क्या हम चेयरमैन का नाम लेते हैं? नहीं लेते। यही मानक निजी क्षेत्र पर भी लागू होना चाहिए। उन्होंने आगे उचित प्रक्रिया के महत्व पर जोर दिया, “पहले जाँच कीजिए। साक्ष्यों के आधार पर जिम्मेदारी तय कीजिए। उसके बाद कार्रवाई कीजिए।
जिंदल ने कई संगठनों से सामने आने की अपील
इस मुद्दे को देश की व्यापक आर्थिक दृष्टि से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि, भारत के विकसित भारत (#ViksitBharat) विज़न को आगे बढ़ाने के लिए अनिल अग्रवाल जैसे लोगों की जरूरत है, जो निवेश करें और निर्माण करें। यह तभी संभव है, जब निवेशकों को व्यवस्था पर भरोसा हो। श्री अग्रवाल के साथ हुए अन्याय के खिलाफ समर्थन जुटाते हुए, श्री जिंदल ने प्रमुख उद्योग संगठनों से अपील की, इंडस्ट्री चैंबर्स @FollowCII, @ASSOCHAM4India, @ficci_india, @phdchamber और @ICC_Chamber आपकी जिम्मेदारी केवल कॉन्फ्रेंस और पॉलिसी पेपर्स तक सीमित नहीं है।
अनिल अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर बेबुनियाद
जब उचित प्रक्रिया को दरकिनार किया जाता है और निवेशकों के विश्वास को खतरा होता है, जैसा कि अनिल अग्रवाल के खिलाफ दर्ज बेबुनियाद एफआईआर के मामले में हुआ है, तब आपकी चुप्पी तटस्थता नहीं है, बल्कि आपके मूल दायित्व की विफलता है। न्याय और सही के पक्ष में आवाज उठाइए। यही आपका अस्तित्व है।
नवीन जिंदल की टिप्पणियां महत्वपूर्ण
श्री जिंदल की ये टिप्पणियाँ जवाबदेही, निष्पक्षता और उचित प्रक्रिया को बनाए रखने की आवश्यकता पर चल रही बहस में एक महत्वपूर्ण आवाज जोड़ती हैं, खासकर उन मामलों में जिनका भारत के निवेश माहौल और संस्थागत विश्वसनीयता पर दूरगामी प्रभाव पड़ता है।
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