रायगढ़-सक्ती। सक्ती के वेदांता थर्मल पावर प्लांट में बॉयलर ट्यूब फटने से हुए भीषण हादसे के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर अब 17 हो गई है। हादसे ने कई राज्यों के मजदूरों की जान ले ली, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है।
वेदांता प्लांट में हुए हादसे के दौरान घटनास्थल पर 5 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाकी ने इलाज के दौरान अस्पतालों में दम तोड़ दिया। मरने वालों में कई राज्यों के मजदूर शामिल हैं।
कई राज्यों के श्रमिक हुए शिकार
- रितेश कुमार, सोनबर्षा, भागलपुर, बिहार।
- अमृत लाल पटेल, एचएन 91 मांझापारा डब्ल्यूएन। 04, कंवली, टुंड्री, डभरा, सक्ती, छग।
- ठंडा राम लहरे, जमगहन, मालखरौदा, सक्ती छग।
- तरूण कुमार ओझा, रोहराबांध, सिंदरी, धनबाद, झारखंड।
- आकिब खान, पैठन, दरभंगा, बिहार।
- सुसंता जना, किस्मतबाजकुल, टेथी बारी, पूर्वी मिदनापुर, पश्चिम बंगाल।
- अब्दुल करीम, बोका, झारखंड।
- उधब सिंह यादव, खरसिया, रायगढ़, छत्तीसगढ़।
- शेख सैफुद्दीन, चानपी, हल्दिया, पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल।
- पप्पू कुमारपिपरखंड, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश पलामू।
- अशोक फरिहा, झारखंड।
- मानस गिरी, नारायणदारी, पूर्वी मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल।
- ब्रिजेश कुमार, पिपरखंड, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश।
- रामेश्वर महिलांगे, ग्राम-हरदी, विशाल, खिरोरा, जांजगीर चांपा छग।
- कार्तिक महतो, पुरुलिया, पिर्रा, पश्चिम बंगाल।
- नदीम अंसारी, डेफवरघाटा, फगुराम, सक्ती, छत्तीसगढ़।
- शिबनाथ मुर्मू, पुरुलिया, पिर्रा, पश्चिम बंगाल।
सूचना नहीं देने पर परिजनों का गुस्सा
हादसे में 17 मौतों और दर्जनों घायलों के बाद परिजनों ने प्लांट प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि कंपनी ने न तो सही जानकारी दी और न ही समय रहते उनसे संपर्क किया। परिजनों ने कहा कि प्रबंधन ने सीधे बातचीत करने के बजाय पुलिस कर्मियों के माध्यम से केवल मुआवजा देने की बात कही, जबकि अब तक कोई भी स्पष्ट आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
प्रशासन ने दी सफाई
कलेक्टर ने कहा कि, सहायता राशि की घोषणा सरकार और कंपनी प्रबंधन दोनों की ओर से की जा चुकी है। उन्होंने इस हादसे को हृदयविदारक बताते हुए कहा कि प्रशासन दुख की इस घड़ी में परिजनों के साथ खड़ा है। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि घटना की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि घायलों के उपचार में किसी तरह की लापरवाही नहीं होने दी जाएगी।
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