रायपुर। भ्रष्टाचार तथा रिश्वतखोरी के मामले में राजस्व विभाग टॉप पर है। यहां पिछले साल यानी 2025 में 22 जिलों में ईओडब्लू ने सर्वाधिक 60 छापे की कार्रवाई की और 60 घूसखोर अफसर-कर्मी, बाबू से लेकर चपरासी तक को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इनमें हर दूसरा घूसखोर राजस्व विभाग का अफसर-कर्मी है। रिश्वतखोरी में शिक्षा विभाग, पीडब्ल्यूडी से लेकर जल संसाधन विभाग के इंजीनियर भी पकड़े गए।
ईओडब्लू, एसीबी अलग जिन घूसखोरों को ने रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है, उनमें से ज्यादातर पीड़ित राजस्व विभाग के अफसर, कर्मियों को जमीन नामांतरण के साथ जमीन की नाप-जोख अथवा अन्य राजस्व विवाद से बचने रिश्वत दी है। साथ ही शिक्षा विभाग में ज्यादातर जो रिश्वत लेते ट्रैप किए गए हैं, उनके द्वारा पदस्थापना से लेकर मेडिकल क्लेम तथा पेंशन राशि से संबंधित मामलों को सुलझाने पीड़ितों से पैसों की मांग की गई। इसी तरह तकनीकीक्षेत्र से जुड़े इंजीनियर ठेकेदारों से उनके निर्माण कार्य के ओके सर्टिफिकेट देने की एवज में पैसों की मांग करते दबोचे गए।
रिश्वत पर एक नजर
- कोरिया 1- एसआई
- बलरामपुर- रामानुजगंज -3-पटवारी
- मनेंद्रगढ़- चिरमिरी
- भरतपुर -1 सब इंजीनियर
- सरगुजा 4 विकासखंड शिक्षा अधिकारी, सहायक अभियंता, सहायक ग्रेड-2, पटवारी
- सूरजपुर 10 जिला शिक्षा अधिकारी, सहायक अभियंता, अनुविभागीय अधिकारी, दो सहायक ग्रेड-2, सहायक निरीक्षक, अनुरेखक, दो पटवारी, चपरासी
- कांकेर 1 राजस्व निरीक्षक
- कोण्डागांव 2 तहसीलदार, लेखापाल
- बस्तर 2 कार्यपालन अभियंता, सहायक ग्रेड-3
- सुकमा - 1 - उप अभियंता
- कोरबा - 3 - सहायक उप निरीक्षक, पटवारी, शिक्षक
- गौरेला-पेंड्रा-मरवाही -1- राजस्व निरीक्षक-2
- जांजगीर-चांपा 3 वरिष्ठ निरीक्षक, हथकरघा-1, पटवारी, अमीन पटवारी
- बिलासपुर - 3- नायब तहसीलदार, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, टडाइ कीपर, सहायक ग्रेड-2
- मुंगेली -6 - प्राचार्य, सहायक उप निरीक्षक, सब इंजीनियर, राजस्व निरीक्षक, दो सहायक ग्रेड-3, तीन पटवारी
- रायगढ़ - 5 - रेंजर, नाप तौल निरीक्षक, आबकरी उप निरीक्षक, महाप्रबंधक, एनटीपीसी, सहायक ग्रेड-2
- सक्ती - 4 - राजस्व निरीक्षक, मंडल निरीक्षक, बीएमओ, पटवारी
- सारंगढ़-बिलाईगढ़ 1 प्रधान आरक्षक, आरक्षक
- खैरगाढ़-छुईखदान-गंडई- 1 - पटवारी
- गरियाबंद - 1 सहायक अभियंता
- दुर्ग - 1 - सहायक ग्रेड-2
- बालोद - 1 - दो सहायक ग्रेड-2
- रायपुर - 5 - सहायक यंत्री, उच्च श्रेणी लिपिक, निज सहायक, सहायक ग्रेड-2, पटवारी, कोटवार
इन महत्वपूर्ण सात प्रकरणों की जांच
- लोगों से रिश्वत लेने वाले वाले सरकारी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ ही ईओडब्लू तथा एसीबी की टीम भ्रष्टाचार के सात बड़े प्रकरणों की जांच कर रही है, जिसकी सूची इस प्रकार है।
- ऑनलाइन महादेव सट्टा एप 14 आरोपियों के खिलाफ दो अभियोग पत्र कोर्ट में दाखिल
- शराब घोटाला शराब घोटाला प्रकरण में जांच एजेंसी वर्ष 2024 तथा 2025 में 51 लोगों के खिलाफ कोर्ट में आठ अभियोग पत्र दाखिल कर चुकी है।
- कोल घोटाला कोल घोटाला प्रकरण की जांच में वर्ष 2024 तथा 2025 में 20 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार चालान पेश की है।
- डीएमएफ घोटाला डीएमएफ घोटाले की दो साल जांच के बाद जांच एजेंसी ने नौ आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश की है।
- कस्टम मिलिंग घोटाला कस्टम मिलिंग घोटाले में जांच एजेंसी ने जांच के बाद पांच आरोपियों के खिलाफ तीन चालान कोर्ट में पेश किए हैं।
- तेंदूपत्ता घोटाला - तेंदूपत्ता बोनस घोटाला प्रकरण में जांच एजेंसी ने 13 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किए हैं।
- पटवारी राजस्व भर्ती परीक्षा-प्रकरण की जांच जारी है, 20 स्थानों में जांच एजेंसी ने छापे की कार्रवाई की थी।
इनके खिलाफ अनुपातहीन संपत्ति के प्रकरण
ब्यूरो में महत्वपूर्ण पदों में पदस्थ अधिकारियों के विरुद्ध अनुपातहीन संपत्ति के प्रकरण पंजीबद्ध किए गए हैं, जिनमें अखिल भारतीय प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारी समीर विश्नोई एवं रानू साहू हैं, भारतीय वनसेवा के एक अधिकारी अशोक कुमार पटेल है। ब्यूरो द्वारा आदिम जाति विकास विभाग, जिला बीजापुर के उपायुक्त आनंद सिंह चौहान के विरुद्ध भी आय से अधिक संपत्ति का प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। ब्यूरो में सौम्या चौरसिया, राप्रसे के विरुद्ध भी आय से अधिक संपत्ति का प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था, जिसमें लगभग 1800 प्रतिशत अनुपातहीन अवैध संपत्ति अर्जित किया जाना पाया जाने से अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया है, जो ब्यूरो की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है।
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