अक्षय साहू- राजनांदगांव। शहर की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित बौद्ध सामाजिक संस्था बौद्ध कल्याण समिति, राजनांदगांव के अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव के परिणाम घोषित हो गए हैं। कड़े मुकाबले के बाद दीपांकर खोब्रागड़े ने शानदार जीत दर्ज करते हुए समिति के नए अध्यक्ष बन गए हैं।
इस चुनाव में कुल तीन उम्मीदवार मैदान में थे। दीपांकर खोब्रागड़े के अलावा श्रीमती वंदना मेश्राम और विजय रंगारी ने भी नामांकन दाखिल किया था। देर शाम मतों की गिनती पूरी होने के बाद परिणाम घोषित किए गए, जिसमें दीपांकर खोब्रागड़े ने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी श्रीमती वंदना मेश्राम को 501 मतों के भारी अंतर से हराकर विजय हासिल की। बौद्ध समाज में इस जीत को नई ऊर्जा और परिवर्तन की लहर के रूप में देखा जा रहा है।
दो स्थानों पर बनाए गए मतदान केंद्र
चुनाव प्रक्रिया को सुचारू और निष्पक्ष रूप से संपन्न कराने के लिए दो मुख्य मतदान केंद्र बनाए गए थे। पहला मतदान केंद्र डॉ. अम्बेडकर सांस्कृतिक भवन, सिविल लाइन में स्थापित किया गया था, जहां ममता नगर, तुलसीपुर, मोतीपुर, नवागांव, रामनगर (सोनारचाल), बसंतपुर, भरकापारा, संजय नगर, राहुल नगर, लखोली एवं रामनगर मठपारा क्षेत्र के मतदाताओं ने अपने मत डाले। दूसरा मतदान केंद्र रमाबाई भवन, शिक्षक नगर, स्टेशनपारा में था, जहां स्टेशनपारा, शंकरपुर, शिवनगर, शांतिनगर, गौरीनगर और रेलवे स्टेशन क्षेत्र के मतदाताओं के लिए वोटिंग की व्यवस्था की गई थी।

प्रवीण नोन्हारे रहे मुख्य चुनाव संचालक
पूरी चुनावी प्रक्रिया का संचालन प्रवीण नोन्हारे को मुख्य चुनाव संचालक के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्होंने व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाए रखा। परिणाम घोषणा के बाद समिति परिसर में समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखा गया और नवनिर्वाचित अध्यक्ष दीपांकर खोब्रागड़े को फूल-मालाओं तथा शुभकामनाओं से नवाजा गया।
यह पूरे समाज की जीत : दीपांकर खोब्रागड़े
नवनिर्वाचित अध्यक्ष दीपांकर खोब्रागड़े ने जीत के बाद संबोधन देते हुए कहा कि, यह जीत केवल उनकी व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि पूरे समाज की जीत है। उन्होंने इसे एक परिवर्तन की जीत, युवाओं की नई उम्मीदों की जीत, वरिष्ठों के सम्मान की जीत और समाज के अंतिम व्यक्ति के अधिकारों की जीत बताया। उन्होंने आश्वासन दिया कि आने वाले समय में वे सामाजिक उत्थान, एकता, सौहार्द्र और मजबूत समाज के निर्माण के लिए पूरे समर्पण से कार्य करेंगे।
समिति को नई दिशा- गति मिलने की उम्मीद
बौद्ध कल्याण समिति लंबे समय से बौद्ध समाज के शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय और सांस्कृतिक संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय रही है। नए अध्यक्ष के नेतृत्व में समिति को नई दिशा और गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। बौद्ध समाज के प्रवक्ता विनोद श्रीरंगे ने चुनाव की सफलता पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण रही।








