रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नगरीय निकायों की बैठक के दूसरे दिन में शहरी विकास, बुनियादी सुविधाओं और विभिन्न योजनाओं की समीक्षा पर विशेष फोकस किया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कई अहम मुद्दों पर बयान देते हुए जहां प्रशासनिक तैयारियों पर जोर दिया, वहीं महिला आरक्षण और विपक्ष को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया दी।
शहरों को स्वच्छ और सुविधापूर्ण बनाने पर फोकस
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि राज्य सरकार के गठन के बाद से शहरों को अधिक स्वच्छ, व्यवस्थित और सुविधायुक्त बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। नगरीय प्रशासन विभाग की बैठक दो चरणों में आयोजित की जा रही है, जिसमें सभी योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई है। इस दौरान जहां कहीं लापरवाही सामने आई, वहां जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई भी की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों को तेज गति और तय समय सीमा में पूरा करने को लेकर आज विस्तृत चर्चा होगी।
रायपुर में पानी की समस्या पर सरकार गंभीर
रायपुर नगर निगम के कुछ इलाकों में पेयजल संकट को लेकर भी उपमुख्यमंत्री ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि समस्या के समाधान के लिए पर्याप्त राशि स्वीकृत की जा चुकी है और योजनाबद्ध तरीके से काम जारी है। पिछले एक साल में पेयजल व्यवस्था को सुधारने के लिए तेजी से काम किया गया है और आने वाले समय में इसका असर भी दिखेगा।
महिला आरक्षण पर सरकार लाएगी निंदा प्रस्ताव
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के मुद्दे पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि देश की आधी आबादी के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब नगरीय निकाय और पंचायतों में महिलाओं को आरक्षण मिल सकता है, तो विधानसभा और लोकसभा में क्यों नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने मिलकर महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ षड्यंत्र रचा है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
रंजीता रंजन के बयान पर पलटवार
राज्यसभा सांसद रंजीता रंजन की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर प्रतिक्रिया देते हुए अरुण साव ने कहा कि उन्होंने छत्तीसगढ़ के तीन करोड़ लोगों की उपेक्षा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने उन्हें राज्यसभा में भेजा, लेकिन अब वे महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ बोल रही हैं। साव ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित किया है और इसका खामियाजा पार्टी को जनता के बीच भुगतना पड़ेगा।
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