छत्तीसगढ़ में दोपहर के बाद राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में बारिश हुई। सरगुजा में आकाशीय बिजली गिरने की वजह से 7 मवेशियों की दर्दनाक मौत हो गई।

रायपुर। छत्तीसगढ़ में गुरुवार की दोपहर के बाद राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में बारिश हुई। सरगुजा में आकाशीय बिजली गिरने की वजह से 7 मवेशियों की दर्दनाक मौत हो गई। बारिश से बचने के लिए मवेशी पेड़ के नीचे खड़े थे। तभी बिजली गिर गई, जिसमें 6 गाय और 1 बैल की मौत हो गई। सूचना मिलते ही जनप्रतिनिधि पहुंचे और मुआवजा दिलाने की बात कही। 

धमतरी के कुकरेल में पेड़ के नीचे दो बाइक सवार दब गए। दोनों बाइक सवार को चोटें आईं हैं। जिन्हें स्थानीय लोगो की मदद से कुकरेल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां दोनों का इलाज जारी है। घटना के बाद मौके पर अफ़रा तफरी मच गई है। बताया जा रहा है कि, वे दोनों पेड़ के नीचे खड़े थे। तभी आंधी आने की वजह से उन पर पेड़ गिर पड़ा।  

सरगुज़ा के कई इलाकों में हुई बारिश 
कोरिया में दोपहर के बाद तेज हवाओं के साथ चल रही धूल भरी आंधी चली। तेज गड़गड़ाहट के साथ कई इलाकों की बिजली भी गुल हो गई। बे-मौसम बारिश से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें आ गईं हैं। अंबिकापुर में देर शाम 4 बजे अचानक अंधड़ और धूल के गुब्बार से जन जीवन परेशान हो गया। तेज हवा के साथ लगभग 20 की बारिश से बस स्टैंड भी तरबतर हो गया। जहां लोगों ने बारिश से थोड़ी राहत महसूस तो कर रहे हैं। लेकिन थोड़ी बारिश से उमस और बढ़ गई है। साथ ही नमनाकला रिंग रोड में एक पेड़ भी सड़क पर गिर गया है जो लोगों के लिए दुर्घटना का कारण बन सकता है।

सूरजपुर में भी मौसम ने बदला मिजाज 
सूरजपुर में भी मौसम ने करवट बदली। तेज हवाओं और गरज- चमक के साथ जमकर बारिश हुई। बारिश से तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। सूरजपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश हुई। वहीं भाटापारा में अचानक बदले मौसम ने शहरवासियों को जहां गर्मी से राहत दी, वहीं बेमौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। बे-मौसम बारिश के साथ गिरे ओलों ने ओनहारी और सब्जी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। 

बेमौसम बारिश ने लोगों के चेहरे पर लाई मुस्कान 
शहर में दोपहर बाद शुरू हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि से शहर का मौसम सुहावना हो गया। लोगों ने इसे राहत के रूप में लिया और मौसम का आनंद उठाया। लेकिन यही बारिश किसानों के लिए आफत बनकर आई। खेतों में खड़ी फसलें, खासकर सब्जियां और ओनहारी फसलें, ओलों की मार से बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।