रायपुर। छत्तीसगढ़ की जेल व्यवस्था ने गुणवत्ता और कार्यप्रणाली के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राज्य की चार केंद्रीय जेलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का ISO 9001:2015 सर्टिफिकेट प्राप्त हुआ है। यह प्रमाणन जेल प्रबंधन, बंदी कल्याण, पारदर्शिता और मानवाधिकार संरक्षण की दिशा में राज्य सरकार के प्रयासों को मजबूती प्रदान करता है।
उप मुख्यमंत्री जेल विभाग प्रभारी विजय शर्मा के निर्देश पर छत्तीसगढ़ की केंद्रीय जेलों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप गुणवत्ता तथा कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आईएसओ सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसके तहत केंद्रीय जेल रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और अंबिकापुर का गहन निरीक्षण किया गया।
आईएसओ सर्टिफिकेट प्रदान करने वाली संस्था ने जेलों में प्रशासनिक व्यवस्था, कार्य प्रक्रियाएं, बंदी प्रबंधन, सुरक्षा मानक, रिकॉर्ड संधारण और सेवा गुणवत्ता समेत विभिन्न मानकों पर विस्तृत जांच की। निरीक्षण में चारों जेल प्रबंधन सभी निर्धारित मानकों पर खरे उतरे। 11 फरवरी को प्रमाणन संस्था ने ISO 9001:2015 सर्टिफिकेट केंद्रीय जेल रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर एवं अंबिकापुर के जेल अधीक्षकों को प्रदान किया।
इस प्रमाणन से छत्तीसगढ़ की जेलों में कार्यप्रणाली की एकरूपता, गुणवत्ता नियंत्रण, पारदर्शिता, जोखिम प्रबंधन और जवाबदेही की संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही बंदी कल्याण, मानवाधिकार संरक्षण, जनविश्वास और संस्थागत विश्वास में भी वृद्धि होगी। सुधारात्मक न्याय प्रणाली को सुदृढ़ बनाने की दिशा में यह उपलब्धि एक महत्वपूर्ण है।
आईएसओ प्रमाणन की इस पूरी प्रक्रिया में योगेश सिंह क्षत्री (जेल अधीक्षक, केंद्रीय जेल रायपुर), खोमेश मण्डावी (जेल अधीक्षक, केंद्रीय जेल बिलासपुर), मनीष सम्भाकर (जेल अधीक्षक, केंद्रीय जेल दुर्ग), अक्षय सिंह राजपूत सहित रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर एवं अंबिकापुर केंद्रीय जेलों के समस्त अधिकारी-कर्मचारियों की अहम भूमिका रही।
