A PHP Error was encountered

Severity: Warning

Message: Undefined variable $summary

Filename: widgets/story.php

Line Number: 3

Backtrace:

File: /content/websites/front-hbm/application/views/themes/mobile/widgets/story.php
Line: 3
Function: _error_handler

File: /content/websites/front-hbm/application/views/themes/amp/story.php
Line: 39
Function: view

File: /content/websites/front-hbm/application/libraries/Sukant.php
Line: 507
Function: view

File: /content/websites/front-hbm/application/libraries/Sukant.php
Line: 341
Function: loadAmpTheme

File: /content/websites/front-hbm/application/controllers/Content.php
Line: 303
Function: contentStorypageAmp

File: /content/websites/front-hbm/index.php
Line: 319
Function: require_once

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के जैन मंदिरों में 108 आगम सागर महाराज जी ससंघ पहुंचे। जहां समाधिष्ट संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावी शिष्य वितरागी श्रमण संस्कृति के आध्यात्मिक सद्गुरु 108 आगम सागर जी महामुनि राज, 108 पुनीत सागर महामुनिराज एवं ऐलक 105 धैर्य सागर जी महामुनिराज का मंगल प्रवेश राजधानी के आदिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर (लघु तीर्थ) मालवीय रोड में 2 दिसंबर को हुआ। 

प्रवचन देते आगम सागर महाराज

जहां महाराज जी के मंगल प्रवेश और पावन सानिध्य से संपूर्ण समाज में उल्लास छा गया था। कल 6 दिसंबर को दोपहर 2 बजे 108 आगम सागर महाराज जी का विहार लभांडी स्थित पद्म प्रभु जिनालय से हुआ। 108 आगम सागर जी महाराज ससंघ सीधे पार्श्वनाथ जिनालय टैगोर नगर में पहुंचे। जहां उनके भव्य मंगल प्रवेश से समाज जन ने भव्य स्वागत किया। रात्रि विश्राम पश्चात आज दिनांक 7 दिसंबर सुबह 8 बजे जिनालय में अभिषेक, पूजन, शांति धारा और प्रवचन उपरांत महाराज जी की आहार चर्या संपन्न हुई। वहीं आज श्री आगम सागर महाराज जी को आहार देने का सौभाग्यप प्रियांक जैन को प्राप्त हुआ। एलक श्री धैर्य सागर जी महाराज को आहार देने का सौभाग्य श्रेयश जैन बालू को प्राप्त हुआ। आहार चार्या पश्चात 2 बजे महाराज जी का ससंघ विहार श्री वासुपुज्य दिगम्बर जैन मंदिर डी. डी. नगर की ओर हुआ। 

राजनांदगांव में अपने चातुर्मास समाप्ति के बाद रायपुर में होगा प्रवास 

समाज के वरिष्ठ सदस्य एवं पूर्व उपाध्यक्ष श्रेयश जैन बालू ने बताया कि 108 आगम सागर जी महाराज संघ राजनांदगांव में अपने चातुर्मास समाप्ति के पश्चात डोंगरगढ़ के आचार्य श्री की समाधि के दर्शन कर सीधे रायपुर की ओर प्रवास किया। समाधिस्थ प. पु. संत शिरोमणि विश्व वंदनीय आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की समाधि को एक वर्ष पूर्ण हो रहे है। ये सभी छत्तीसगढ़ वासियों के लिए परम सौभाग्य की बात है कि उनकी समाधि छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ स्थित चंद्र गिरी तीर्थ स्थल पर हुई। 1 वर्ष के समाधि महोत्सव के उपलक्ष्य में वहा श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान करने का आयोजन किया जा रहा है। 

भोजन करते आगम सागर महाराज

भविष्य में होगा समाधि स्थल का निर्माण 

यह आयोजन जनवरी माह में होगा जिसमे समाज के सभी सदस्य भाग ले सकते है। जिसके निमंत्रण हेतु 108 आगम सागर महाराज जी से ससंघ  सभी डोंगरगढ़ से रायपुर पहुंचे है। रायपुर के सभी मंदिर पहुंच कर श्री जी दर्शन कर समाज जन को श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान आयोजन की जानकारी समाधि स्थल शीघ्र निर्माण की जानकारियां भी सभी तक पहुंचाने का कार्य कुशलता पूर्वक किया है। वहीं भविष्य में समाधि स्थल का निर्माण भी किया जाना है। इस समाधि स्थल में आचार्य श्री के जीवन का बचपन से लेकर समाधि तक संपूर्ण परिचय हमे यहां देखने को मिलेगा। यह निर्माण अत्यंत भव्य और विश्व स्तरीय निर्माण होगा।