अमित गुप्ता- रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। रायगढ़ पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह एक महिला एनजीओ कार्यकर्ता को सीएसआर (CSR) फंड दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये के साइबर फ्रॉड में शामिल था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि, आरोपियों ने एनजीओ कार्यकर्ता के बैंक खाते का इस्तेमाल करते हुए करीब 2.17 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन कराया और देशभर में दर्ज 44 साइबर फ्रॉड शिकायतों से इस नेटवर्क के तार जुड़े हुए पाए गए हैं।
टेलीग्राम के जरिए करते थे ठगी
पुलिस के अनुसार, आरोपी टेलीग्राम के जरिए साइबर ठगों को कॉरपोरेट बैंक अकाउंट उपलब्ध कराते थे, जिनका उपयोग ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। इसके बदले में गिरोह के सदस्य 5 से 15 प्रतिशत तक कमीशन लेते थे। इस संगठित गिरोह के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी की बड़ी रकम का लेनदेन किया गया है।
आरोपियों को ऐसे किया गया गिरफ्तार
जांच के दौरान रायगढ़ पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक ट्रांजेक्शन के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और इससे जुड़े बड़े नेटवर्क की भी तलाश कर रही है।
साइबर ठगों के और भी बड़ी कार्रवाई की जाएगी- एसएसपी
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि, जिले में साइबर थाना खुलने के बाद साइबर अपराधों की जांच में तेजी आई है। पुलिस लगातार ऐसे गिरोहों के नेटवर्क को ट्रैक कर रही है और आने वाले समय में साइबर ठगों के खिलाफ और भी बड़ी कार्रवाई की जाएगी।