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नवा रायपुर क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक ग्रामों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 115 आवासों को स्वीकृति देने के मामले में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है।

रायपुर। नवा रायपुर क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक ग्रामों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 115 आवासों को स्वीकृति देने के मामले में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। ग्रामों में आवेदनों के आधार पर जिस जमीन पर प्रधानमंत्री आवास का निर्माण कराने के लिए स्वीकृति दी गई है, वह जमीन शासकीय निकली, जिसे शासन पहले ही एनआरडीए को हस्तांतरित कर चुका है। इसके बाद भी वित्तीय वर्ष 2025-26 में इन जमीनों पर 115 लोगों को आवास बनाने की अनुमति दे दी गई है। 

इसका खुलासा तब हुआ, जब एनआरडीए ने प्रधानमंत्री आवास निर्माण के लिए स्वीकृत जमीनों के खसरा नंबरों का भौतिक सत्यापन कराया। इसमें यह सभी जमीन उसके अधीन पाई गई है। इसके मद्देनजर एनआरडीए ने उक्त आवासों के निर्माण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने से संबंधी आदेश जारी किया है। एनआरडीए के इस आदेश के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकानों का निर्माण करा रहे लोगों की चिंता बढ़ गई है कि उनके खुद के मकान का सपना पूरा हो पाएगा या नहीं।

आधा दर्जन से अधिक ग्रामों में स्वीकृत किए गए थे आवास
एनआरडीए द्वारा एसडीएम अभनपुर को जारी किए गए पत्र के अनुसार अभनपुर तहसील अंतर्गत मेलवाडीह, बेंदरी, केंद्री, चेरिया, बंजारी, उपरवारा, पचेड़ा एवं झांकी गांव में रहने वाले 115 लोगों ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने के लिए वित्तीय वर्ष 2025 में आवेदन किया था। इन आवेदनों के आधार पर लोगों की पात्रता के साथ जमीन की जांच भी की गई थी, क्योंकि इस योजना का लाभ वे ही लोग ले सकते हैं, जिनके खुद के नाम या परिवार के किसी अन्य सदस्य के नाम पर जमीन हो। इस पात्रता को देखते हुए ही 115 लोगों को आवास योजना का लाभ देने आवास स्वीकृत किए गए थे।

एक किस्त जारी, निर्माण कार्य अधूरा
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत किए गए 115 लोगों में कईयों को पहली किस्त भी जारी हो चुकी हैं। किस्त की राशि मिलने के बाद लोगों ने मकान का निर्माण कराना भी शुरू कर दिए हैं। कई लोग तो पहली किस्त के अनुसार आवास निर्माण का कार्य भी पूरा करा चुके हैं। ये लोग अब दूसरी किस्त जारी होने का इंतजार कर रहे हैं।

एनआरडीए ने एसडीएम को पत्र लिखकर आवास निर्माण पर रोक लगाने दिए निर्देश
एनआरडीए ने इस संबंध में जिला प्रशासन और एसडीएम अभनपुर को पत्र लिखा है। इस पत्र के माध्यम से कहा गया है कि जिस जमीन पर 115 प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान स्वीकृत है वह जमीन शासन से एनआरडीए को हस्तांतरित है। इन जमीनों पर भविष्य में योजना एवं विकास कार्य होने हैं, इसलिए आवास बनाने संबंधी स्वीकृति नहीं दी जा सकती है।

कई ग्रामीण अपनी जमा पूंजी भी आवास में लगा चुके
पहली किस्त जारी होने के बाद लोगों को उम्मीद थी, कि आज नहीं आगामी दिनों दूसरी किस्त के बाद तीसरी और चौथी किस्त भी जारी होगी। इन किस्तों की उम्मीद में कई लोग अपनी जमा पूंजी को आवास तेजी से पूरा करने में लगा दिए हैं, जिसके कारण ये लोग सबसे अधिक चिंतित हैं।

भौतिक सत्यापन में जमीनें एनआरडीए की पाई गईं
पहली किस्त जारी होने के बाद अब इन सभी ग्रामों में एनआरडीए ने पटवारियों के माध्यम से दोबारा भौतिक सत्यापन कराया है। इस सत्यापन में पाया गया कि 115 लोगों के आवास जिस खसरा नंबर की जमीन पर निर्माण करने स्वीकृत किया था वह जमीन एनआरडीए की है।

जनपद पंचायतों को सूचना दे दी गई
अभनपुर एसडीएम रवि सिंह ने बताया कि, पत्र के अनुसार जनपद प पंचायतों को सूचना दे दी गई है, कि जिस 115 खसरा नंबर भूमि पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास बनाने की अनुमति दी गई है, वह शासकीय जमीन एनआरडीए को हस्तांतरित है। इसमें जनपद पंचायतों की गलती है। आवास स्वीकृति दिलाने से पहले जमीन का परीक्षण कराना था।

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