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होली पर्व के अवसर पर पेंड्रा क्षेत्र में परंपरा के मुताबिक गांव की गलियों में फाग के धुन गूंज रहे हैं। मांदर और झांझ की धुन पर गीतों ने माहौल होलीमय कर दिया है।

आकाश पवार- पेंड्रा। होली के पावन पर्व के अवसर पर क्षेत्र में फाग की राग और पारम्परिक छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक देखने को मिल रही है। पेंड्रा सहित आसपास के गांवों में फाग दल मांदर की मधुर थाप और पारम्परिक छत्तीसगढ़ी संगीत के साथ घर-घर जाकर फाग गा रहे हैं।

गलियों पर गूंज रही मांदर और झांझ की धुन 
गांव के फाग दल सुबह से ही टोली बनाकर निकलते हैं और अलग-अलग मोहल्लों व घरों में पहुंचकर होली के पारम्परिक फाग गीत प्रस्तुत करते हैं। मांदर और झांझ की धुन पर गाए जा रहे इन गीतों से पूरा माहौल होलीमय हो गया है। फाग सुनने के लिए गांव के लोग भी घरों के बाहर निकलकर दल का स्वागत कर रहे हैं।

वर्षों से चली आ रही परंपरा
ग्रामीणों के अनुसार यह परम्परा वर्षों से चली आ रही है, जिसमें फाग दल गांव-गांव घूमकर होली के पारम्परिक गीतों के माध्यम से खुशियां बांटते हैं और लोगों को एकजुट करते हैं। बताया जा रहा है कि यह फाग दल अब रंगपंचमी तक अलग-अलग गांवों और मोहल्लों में घूमकर फाग गाते हुए होली का उत्सव मनाते रहेंगे, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्साह और उल्लास का माहौल बना हुआ है।

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