सुमित बड़ाई- पखांजूर। छत्तीसगढ़ के बांदे के ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत व्यवस्था चरमरा गई है। पिछले महीने भर से बांदे क्षेत्र में अघोषित रूप से बिजली आपूर्ति बंद कर दी जा रही है। विभाग द्वारा मेंटनेंस का हवाला देकर घण्टों बिजली आपूर्ति ठप कर दी जाती है, जिसके चलते ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बिजली की आंख मिचौली से ग्रामीण परेशान हैं। यहां बिजली के आने जाने का कोई समय निर्धारित नहीं है। शुक्रवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने बिजली दफ्तर का घेराव कर जमकर हंगामा किया है।
किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ गर्मी तो दूसरी तरफ बिजली से संबंधित कई काम काज लोगों का बिजली कटौती से जीना दुश्वार कर दिया है। ऐसे में बिजली का न होना मुसीबत बढ़ा देता है। यही नहीं कभी-कभी सुबह से शाम शाम तक बिजली गुल रहने से पानी की विकट समस्या खड़ी हो गई है। किसानों की चिंता बढ़ रही है।
बांदे के ग्रामीण क्षेत्रों में विभाग द्वारा मेंटनेंस का हवाला देकर घण्टों बिजली आपूर्ति ठप कर दी जाती है। जिसके चलते ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। pic.twitter.com/s7xLXF136y
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) March 6, 2026
ग्रामीणों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने मांग की है कि बिजली की समस्या का समाधान कर ग्रामीणों को राहत पहुंचाई जाए। वहीं विभागीय अधिकारी इस पूरे मामले में गोलमोल जवाब देते नजर आ रहे हैं। आक्रोशित किसानों ने चेतावनी देते हुए बताया कि जल्द अगर बिजली की समस्या का निराकरण नहीं किया जाता तो क्षेत्र के किसान चक्का जाम करने को मजबूर होंगे जिसका जिम्मेदार शासन प्रशासन होगा।
बांदे के ग्रामीण क्षेत्रों में विभाग द्वारा मेंटनेंस का हवाला देकर घण्टों बिजली आपूर्ति ठप कर दी जाती है। जिसके चलते ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। pic.twitter.com/vPOoosBhkT
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गर्मी बढ़ने से खेत में पानी की जरुरत बढ़ी
आपको बता दें कि, परलकोट क्षेत्र में इन दिनों हर किसान के खेत में मक्के की फसल है। गर्मी बढ़ने से खेत में पानी की भी जरूरत बढ़ गई है। पिछले एक महीने से ग्रामीण इलाकों की बिजली व्यवस्था चरमरा जाने से मक्के की फसल सूखने लगी है जिससे किसानों की चिंता बढ़ने लगी है।








