पंकज गुप्ते- बिलासपुर। छत्तीसगढ़ का बिलासपुर लगातार धर्मांतरण का केंद्र बना हुआ है। यहां एक मामला बिलासपुर के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र स्थित कुंदरापारा का है। जहां के आधा दर्जन परिवार महिला, बच्चे, युवा और बुजुर्ग एसपी से गुहार लगाने पहुंचे है। उनका कहना है डर और दहशत के बीच वे पिछले 12 दिनों से घर नहीं जा पा रहे है हैं, लेकिन अपना धर्म कभी नहीं बदलेंगे।
दरअसल तिफरा के कुंदरापारा में रहने वाला एक समाज आज एसपी कार्यालय पहुंचा। उनका आरोप है कि टोमन खांडे 112 वाहन का चालक है। उसने पिछले 10– 12 वर्ष पहले ईसाई धर्म अपना लिया। अब वो अपने बाकी परिवार को और मोहल्लेवासियों को भी धर्मांतरित करना चाहता है। परिवार के लोगों का आरोप है कि धर्मांतरित हुए टोमन खांडे आए दिन घर वालों को धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाता है। 15 फरवरी को टोमन खांडे अपने धर्मांतरित लोगों के साथ कुंदरा पारा पहुंचा और जबरन धर्मांतरण करने दबाव बनाने लगा।
बिलासपुर के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के आधा दर्जन परिवार महिला, बच्चे, युवा और बुजुर्ग एसपी से गुहार लगाने पहुंचे। उन्होंने अपने पड़ोसी पर धर्मांतरण के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया। pic.twitter.com/dZ3oF4Nagg
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) March 6, 2026
विरोध करने पर मारपीट का लगाया आरोप
इसका विरोध करने पर वे लोग पूरे परिवार के साथ जमकर मारपीट करने लगे, ईंट और पत्थर फेंकने लगे। 15 फरवरी का एक वीडियो भी सामने आया है। सवाल यह है कि इतने दिन बीत जाने के बावजूद आधा दर्जन परिवार दहशत के कारण अपने घर नहीं जा पा रहे है और आरोपी पर कार्रवाई नहीं होने से एसपी कार्यालय में गुहार लगाने पहुंच रहे है।
पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ काउंटर एफआईआर की दर्ज
वहीं सिरगिट्टी पुलिस का कहना है कि उनका पारिवारिक जमीनी विवाद है और दोनों पक्षों के खिलाफ काउंटर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।









