स्वामी आत्मानंद स्कूल में दो शिक्षिकाओं ने 10 वीं के छात्र से सौ बार उठक- बैठक करवाया। एक महीने बीत जाने के बाद भी अब कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। 

एनिशपुरी गोस्वामी- मोहला। छत्तीसगढ़ के मोहला, मानपुर- अम्बागढ़, चौकी स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में हुए एक छात्र को दो शिक्षिकाओं के द्वारा सौ बार उठक बैठक लगवाया। छात्र बीते 1 महीने से अपंगो कि जिंदगी जीने को मजबूर है। इधर अंग्रेजी माध्यम की सहायक ग्रेड 3 की महिला कर्मचारी ने हिन्दी मीडियम के एक व्याख्याता पर मानसिक प्रताड़ना, दुर्व्यवहार, अश्लील हरकत, हरासमेंट के संगीन आरोपों के तहत कलेक्टर, एसपी, DEO को लिखित मे शिकायत प्रस्तुत किया है। 

इन दोनों मामलों में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय जांच के नाम पर जांच अधिकारी बदल रहे हैं। मंद गति से चल रहे दोनों मामले की जांच में अब तक किसी तरह का ठोस कार्रवाई सुनिश्चित नहीं किया गया है। जिसके बाद अंबागढ़, चौकी नगर में जिले की प्रशासनिक लचर व्यवस्था पर आम लोग मौखौल उड़ा रहे हैं। 

यह था पूरा मामला 
उल्लेखनीय है कि, अंबागढ़- चौकी अंग्रेजी माध्यम आत्मानंद मिडिल स्कूल में सहायक ग्रेड 3 की महिला कर्मचारी ने हिन्दी माध्यम के भौतिक शास्त्र के व्याख्याता सुशील चौरसिया के खिलाफ बेहद संगीन आवेदन प्रस्तुत किया है। इस मामले की जांच और कठोर कार्रवाई के लिए सीधे कलेक्टर, एसपी और जिला शिक्षा अधिकारी को पीड़िता ने आवेदन प्रस्तुत किया है। जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने जांच के नाम पर तीन बार जांच अधिकारी बदल दिए। जिन प्राचार्य और विकासखंड शिक्षा अधिकारी को विभाग ने जांच के लिए निर्देश किया है। वे उल्टे प्रशासनिक निर्देश कि, अवहेलना करते हुए उनके द्वारा जांच नहीं करने के लिए विभाग को लिखित में जवाब दे दिए है।

क्लास में करवाया था 100 बार उठक- बैठक
इधर प्रताड़ना के दूसरे मामले में शिक्षिका रुचि भागे, वर्षा प्रधान ने छात्र को किसी बात को लेकर जनवरी माह में क्लास रूम में 100 बार उठक बैठक कराया जिसके बाद छात्र अब उठ बैठ नहीं पा रहा है। गरीब मां- बाप विगत एक माह से रायपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं. छात्र का 21 फरवरी से दसवीं बोर्ड की परीक्षा होनी है। 

उत्पीड़न की जांच के लिए भृत्य और बाबू किए गए नियुक्त 
महिला उत्पीड़न के मामले में व्याख्याता सुशील चौरसिया के खिलाफ मामले की जांच के लिए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने 4 फरवरी को निर्देश जारी कर प्राचार्य सुनिता कावरे, शशि कुजूर सहायक ग्रेड 2, ममता चौरे सहायक ग्रेड 3,तथा भृत्य सुनिता नेताम को जांच अधिकारी नियुक्त किया था। ऐसे में सवाल यह है कि व्याख्याता की जांच भृत्य और बाबू करेंगे।

व्याख्याता को बचाने की हो रही कोशिश 
महिला उत्पीड़न का आरोप व्याख्याता सुशील चौरासिया के ऊपर लग रहा है। विभाग फिर भी व्याख्याता के ऊपर मेहरबान है, लगातार व्याख्याता को बचाने छात्र-छात्राओं को ढाल बनाकर कलेक्ट्रेट, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय भेजा जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी जांच के नाम पर स्कूल पहुंचे। जहां परीक्षा के 2 दिन पहले स्कूल समय के बाद 12वीं के छात्रों का कथन लिया गया है। जबकि उत्पीड़न के मामले में छात्रों का कथन लिया गया, जो आवश्यक ही नहीं है। क्योंकि घटना क्लास रूम में हुई ही नहीं है और छात्र-छात्राओं को इस संबंध में कोई भी जानकारी नहीं है।

जांच के बाद होगी कार्रवाई- DEO 
वहीं इस पूरे मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी योगदास साहू ने कहा कि, किसी तरह का मामले मे लीपापोती नहीं हो रहा है। शुद्ध रूप से जांच हो रही है जांच उपरांत आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।