रायपुर। आने वाले दिनों में कालीबाड़ी में संचालित मातृ एवं शिशु चिकित्सालय का सेटअप जिला अस्पताल से अलग होगा। पृथक उपकरण, एचआर, चिकित्सकीय स्टाफ होने के बाद पंडरी अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के लिए प्रसव सुविधा प्रारंभ की जा सकेगी। वर्तमान में राजधानी में जिला स्वास्थ्य विभाग के पास एमसीएच हॉस्पिटल का अलग सेटअप नहीं है। जिला स्वास्थ्य कार्यालय से एमसीएच को जिला अस्पताल के सेटअप से अलग करने का प्रस्ताव बनाकर स्वास्थ्य संचालनालय भेजा गया है। इस पर आने वाले दिनों में स्वीकृति मिलने की संभावना है।
जिला अस्पतालों मातृ एवं शिशु हास्पिटल का अलग से सेटअप होता है, मगर रायपुर जिले में कालीबाड़ी का अस्पताल जिला अस्पताल से अटैच है और वहां से डॉक्टर, नर्सिंग सहित अन्य स्टाफ की पोस्टिंग यहां की जाती है। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि एमसीएच का सेटअप अलग होने के बाद कामकाज में और गति आएगी। यहां जरूरत के हिसाब से चिकित्सकीय स्टाफ के पद सृजित किए जाएंगे और सुविधाओं के हिसाब से उपकरणों की व्यवस्था होगी। एमसीएच का सेटअप अलग होने के बाद जिला अस्पताल पंडरी में भी गर्भवती महिलाओं को प्रसव की सुविधा मिल पाएगी। वहीं एमसीएच के पृथक सेटअप के बाद कालीबाड़ी में बाल्य रोग विभाग का संचालन भी होगा। अभी इस विभाग का संचालन पंडरी अस्पताल में किया जाता है।
आंबेडकर के बाद यहां सर्वाधिक प्रसव
पंडरी में भवन निर्माण शुरू होने के दौरान जिला अस्पताल को कालीबाड़ी के पुलिस अस्पताल में शिफ्ट किया गया था। वर्ष 2018-19 में इसकी वापसी पुनः पंडरी में हुई और कालीबाड़ी के भवन का उपयोग मातृ एवं शिशु हास्पिटल के रूप में किया जाने लगा। जिले में आंबेडकर अस्पताल के बाद सर्वाधिक डिलीवरी यहीं होती है। एमसीएच में प्रतिदिन की ओपीडी पंडरी जिला अस्पताल की तरह ढाई से तीन तक पहुंचती है। जरूरतों के हिसाब से यहां सुविधाओं का विस्तार किया जाता रहा है।
जिले में दो अस्पताल और प्रस्तावित
रायपुर जिले में पंडरी में जिला अस्पताल, कालीबाड़ी में एमसीएच के अलावा माना में सिविल अस्पताल का संचालन किया जाता है। जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरोना और नवा रायपुर के राखी गांव में सौ बिस्तर के अस्पताल को स्वीकृति मिल चुकी है। सरोना में तो निर्माण कार्य भी शुरू होने वाला है। राखी में स्वास्थ्य विभाग और एनआरडीए द्वारा जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी की जानी है। इसके अलावा विभिन्न ब्लाक में 50 बिस्तर तक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भी संचालन किया जा रहा है।
प्रस्ताव भेजा गया
रायपुर सीएमएचओ डॉ. मिथिलेश चौधरी ने बताया कि, मातृ एवं शिशु चिकित्सालय के पृथक सेटअप के लिए कुछ समय पहले प्रस्ताव भेजा गया है। पृथक सेटअप होने से कामकाज में सुगमता आएगी। इस पर निर्णय संचालनालय स्तर पर होगा।











