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शराब घोटाला मामले में आरोपियों की न्यायिक और पुलिस रिमांड पर कोर्ट ने फैसला सुनाया है। शराब कारोबारी अरविंद सिंह ने इच्छा मृत्यु की मांग की है। वहीं अरुणपति को 25 अप्रैल तक रिमांड पर भेज दिया गया है।

रायपुर। छत्तीसगढ़ के शराब घोटाला मामले में आरोपियों की न्यायिक और पुलिस रिमांड पर कोर्ट ने फैसला सुनाया है। इस मामले में आरोपी शराब कारोबारी अरविंद सिंह ने इच्छा मृत्यु की मांग की है। अरविंद सिंह ने पेशी के दौरान कहा कि, वह इस सबसे तंग आ चुका है। उसकी मांग पर कोर्ट ने वकील से प्रॉपर तरीके से आवेदन करने को कहा है। यह भी कहा है कि, इस पर अलग से सुनवाई होगी। 

आरोपी आबकारी विभाग के पूर्व एमडी अरुणपति त्रिपाठी को ईओडब्लू की रिमांड पर 25 अप्रैल तक सौंपा गया है। जबकि अनवर ढेबर और अरविंद सिंह को 14 दिन यानी 2 मई तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। यह फैसला एसीबी ईओडब्ल्यू की स्पेशल कोर्ट ने सुनाया है। आपको बता दें कि, छह दिन की रिमांड खत्म होने के बाद आज फिर ईओडब्ल्यू की टीम ने आज आरोपियों को पीएमएलए कोर्ट में पेश किया गया था। इसके पहले एसीबी ने तीनों से आमने-सामने पूछताछ की थी। 

71 लोगों के खिलाफ दर्ज है FIR 

ईओडब्लू ने ईडी की रिपोर्ट पर जिन 71 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उसमें आबकारी अफसर, बड़े और छोटे शराब कारोबारी, होलोग्राम व्यवसायी, एनजीओ, सिक्योरिटी कंपनियां और कर्मचारी उपलब्ध करवाने वाली एजेंसियां तथा शराब बोतल में भरनेवाली और ट्रांसपोर्ट करनेवाली एजेंसियां हैं।  इनमें से ईओडब्लू ने काफी अफसरों के यहां छापे मारकर और 6 घंटे तक पूछताछ कर काफी जानकारी जुटा चुकी हैं।

कई शराब बनाने वाली कंपनियों से भी होगी पूछताछ 

अब ईओडब्लू का फोकस छत्तीसगढ़ के तीन बड़ी शराब कंपनियों छत्तीसगढ़ डिस्टलरीज, भाटिया वाइन एंड मर्चेंट्स और वेलकम डिस्टलरीज पर है। शराब बनाने और सरकारी शराब गोदामों को वितरण करने में इनका बड़ा रोल है। कहा तो यह भी जाता है कि, बड़े शराब कारोबारियों का इस बिजनेस के सरकारी सिस्टम पर भी खासा प्रभाव रहता है। अब ईओडब्ल्यू इसका आकलन करेगी। 

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