नई दिल्ली। फरवरी के महीने में ही उत्तर भारत में मौसम के दो अलग और विरोधाभासी रंग देखने को मिल रहे हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, एक तरफ शुष्क हवाओं के चलते दिल्ली समेत मैदानी इलाकों में तापमान में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, तो दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से को 'बेहद घने कोहरे' ने अपनी आगोश में ले रखा है।
मौसम विभाग ने यूपी के कई जिलों के लिए सुबह 9 बजे तक 'रेड अलर्ट' जारी किया था, जिससे जनजीवन और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
यूपी के इन जिलों में 'जीरो विजिबिलिटी' का संकट
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश के तराई और मैदानी इलाकों में आज सुबह अत्यंत घना कोहरा छाया रहा। गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, बरेली और पीलीभीत जैसे जिलों में दृश्यता शून्य से 50 मीटर के बीच दर्ज की गई।
इसके अलावा आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, बस्ती, गोंडा, सीतापुर और बाराबंकी में भी घने कोहरे के कारण सुबह के समय रफ्तार पर ब्रेक लग गया। प्रशासन ने वाहन चालकों को बेहद सावधानी बरतने की सलाह दी है।
दिल्ली-NCR में समय से पहले बढ़ी गर्मी
देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में मौसम तेजी से गर्म हो रहा है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 26.7°C तक पहुँच गया है, जो सामान्य से करीब 2.3 डिग्री अधिक है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में आसमान साफ रहेगा और तेज धूप के कारण तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। शुष्क हवाओं के चलते दोपहर में मार्च जैसी गर्मी का अहसास होने लगा है।
यातायात पर असर: कोहरे के कारण ट्रेनें और उड़ानें प्रभावित
सुबह के समय छाए घने कोहरे का सीधा असर रेल और हवाई सेवाओं पर पड़ा है। 'जीरो विजिबिलिटी' के कारण दिल्ली और लखनऊ आने वाली कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 3 से 5 घंटे की देरी से चल रही हैं।
साथ ही, कम दृश्यता के कारण कई उड़ानों के संचालन में भी बाधा आई है, जिससे यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
पहाड़ों पर विक्षोभ का असर, मैदानों में बढ़ेगी ठिठुरन
मैदानी इलाकों की तपिश के बीच पहाड़ों पर मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और बारिश का दौर शुरू हो गया है।
पहाड़ों पर गिर रही बर्फ के कारण आने वाले 24 से 48 घंटों में मैदानी इलाकों में चलने वाली सर्द हवाएं तापमान में एक बार फिर गिरावट ला सकती हैं।
सेहत पर भारी पड़ता मौसम का 'यू-टर्न'
दिन में बढ़ती गर्मी और सुबह-रात की ठंड के बीच मौसम का यह उतार-चढ़ाव स्वास्थ्य के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, तापमान में अचानक आए इस बदलाव के कारण वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम और सांस लेने में तकलीफ के मरीजों की संख्या बढ़ी है।
विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह 'दोहरी ऋतु' काफी संवेदनशील है, क्योंकि कोहरे के साथ मिलकर प्रदूषण के कण सेहत को नुकसान पहुँचा रहे हैं।











