मध्यप्रदेश में ठंड से परेशान लोगों को अगले दो दिन थोड़ी राहत मिलने वाली है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल प्रदेश में तेज ठंड नहीं पड़ेगी और तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। हालांकि यह राहत ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है, क्योंकि फरवरी के मध्य में एक बार फिर मौसम करवट ले सकता है।
मौसम वैज्ञानिक एच.एस. पांडे के मुताबिक, पहाड़ों से गुजर रहा साइक्लोनिक सर्कुलेशन जब कमजोर होगा और वहां जमी बर्फ पिघलेगी, तब उत्तर से ठंडी हवाएं मध्यप्रदेश की ओर आएंगी। इसका असर 13, 14 और 15 फरवरी के दौरान देखने को मिलेगा, जब तापमान में फिर गिरावट आएगी और ठिठुरन बढ़ेगी। पूरे फरवरी महीने मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, हालांकि फिलहाल प्रदेश में बारिश के कोई आसार नहीं हैं।
मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। वहीं पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और बारिश की संभावना जताई गई है। इसी वजह से मध्यप्रदेश में अगले दो दिन तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
सोमवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिनभर तेज धूप खिली रही। इससे अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी हुई, लेकिन रात और अलसुबह ठंड का असर बना रहा। आने वाले दिनों में रात के तापमान में भी हल्की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
इन वजहों से बदलेगा मौसम
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जैसे ही मौजूदा सिस्टम कमजोर होगा और पहाड़ों पर जमी बर्फ पिघलेगी, वैसे ही उत्तर भारत से ठंडी हवाएं चलने लगेंगी। इसका असर मध्यप्रदेश में साफ तौर पर दिखाई देगा और तापमान फिर नीचे आएगा।
बीते रविवार-सोमवार की रात प्रदेश के 13 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका कटनी का करौंदी रहा, जहां पारा 5.9 डिग्री दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर-खजुराहो में 6.4 डिग्री, पचमढ़ी में 7.4 डिग्री, अमरकंटक में 7.8 डिग्री और दतिया में 8.1 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।
बड़े शहरों का हाल
प्रदेश के पांच बड़े शहरों में भोपाल का न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री, इंदौर में 11.2 डिग्री, ग्वालियर में 10.6 डिग्री, उज्जैन में 12.4 डिग्री और जबलपुर में 11.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।










