कोरिया के चरचा कॉलरी CHP में कथित वसूली का वीडियो वायरल होने के बाद दो श्रमिकों का ट्रांसफर किया गया, लेकिन आरोपों में घिरे अधिकारियों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

कमालुद्दीन अंसारी - कोरिया। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के चरचा कॉलरी स्थित कोल हैंडलिंग प्लांट (CHP) में कथित वसूली कांड का वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है। वीडियो सामने आते ही प्रबंधन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो श्रमिकों का ट्रांसफर कर दिया, लेकिन पूरे मामले में अधिकारियों की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

वायरल वीडियो में वसूली का दावा
10 अप्रैल 2026 को सामने आए इस वीडियो में CHP में कार्यरत दो कर्मचारी आपस में बातचीत करते हुए कथित मासिक वसूली का जिक्र करते सुनाई दे रहे हैं। बातचीत में यह भी सामने आया कि ओवरटाइम, संडे ड्यूटी और मनचाही पोस्टिंग के बदले कर्मचारियों से पैसे लिए जाते हैं।

त्वरित कार्रवाई, लेकिन सवाल बरकरार
वीडियो वायरल होते ही प्रबंधन ने दोनों कर्मचारियों का ट्रांसफर कर दिया। हालांकि, जिन अधिकारियों के नाम इस मामले में सामने आए हैं, उनसे अब तक कोई पूछताछ नहीं की गई है, जिससे कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।

बिना नोटिस ट्रांसफर पर विवाद
बताया जा रहा है कि दोनों श्रमिकों को बिना नोटिस और बिना स्पष्टीकरण का मौका दिए “प्रशासनिक आधार” पर ट्रांसफर कर दिया गया। इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ बताया जा रहा है।

वीडियो की सत्यता पर भी संशय
इस मामले में एक अहम सवाल यह भी उठ रहा है कि वायरल वीडियो की सत्यता की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। यह वीडियो वास्तविक है या AI तकनीक से तैयार किया गया है, इसकी जांच अभी लंबित है।

लंबे समय से चल रही वसूली के आरोप
सूत्रों के अनुसार CHP में लंबे समय से अवैध वसूली का खेल चल रहा है। कर्मचारियों से हर महीने 10 से 12 हजार रुपये तक वसूले जाने और संडे ड्यूटी के लिए अलग से राशि लेने के आरोप भी सामने आए हैं।

महिला कर्मचारियों ने लगाए गंभीर आरोप
मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब महिला कर्मचारियों ने कुछ अधिकारियों पर अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज के आरोप लगाए। इससे कार्यस्थल के माहौल पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। कर्मचारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और वीडियो में जिन अधिकारियों के नाम सामने आ रहे हैं, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग की है।

(छत्तीसगढ़ के जिले, कस्बे और गांवों की खबरों के लिए हरिभूमि का "ई-पेपर" पढ़ें।  यहां क्लिक करें "epaper haribhoomi" या प्लेस्टोर से "हरिभूमि हिंदी न्यूज़" App डाउनलोड करें।)