Logo
राज्य शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने सोमवार को अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी के तत्कालीन रजिस्ट्रार शैलेन्द्र दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

बिलासपुर। राज्य शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने सोमवार को अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी के तत्कालीन रजिस्ट्रार शैलेन्द्र दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। श्री दुबे पर यूनिवर्सिटी मद से आवंटित राशि में गड़बड़ी व जैम पोर्टल माध्यम से सामग्री क्रय कर आर्थिक अनियमितता मामले में प्रथम दृष्टया संलिप्तता पाई गई है। राज्य शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत श्री दुबे का निलंबन अवधि में मुख्यालय क्षेत्रीय अपर संचालक कार्यालय उच्च शिक्षा विभाग बिलासपुर संभाग होगा। 

शासन के आदेश में विभागीय जांच की प्रक्रिया पृथक से किए जाने की बात कही गई है। जांच में पाया गया है कि तत्कालीन रजिस्ट्रार श्री दुबे ने छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियम 2002 संशोधित 2025 के संगत नियमों का पालन नहीं किया। उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के विपरीत है। इसलिए शासन ने उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील नियम 1966 के नियम के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

प्रिंसिपल समेत पांच पर पहले गिरी थी निलंबन की गाज
इससे पूर्व जैम पोर्टल में आर्थिक गड़बड़ी किए जाने के मामले में कालेज के प्राचार्य सहित पांच असिस्टेंट प्रोफेसरों पर निलंबन कार्रवाई की गाज गिर चुकी है। पहली कार्रवाई शासकीय कालेज लोहारकोट महासमुंद में हुई, जहां प्राचार्य डॉ. एसएस तिवारी द्वारा पीएम उषा मद से आबंटित की गई राशि में गड़बड़ी, जैम पोर्टल के माध्यम से सामग्री क्रय किए जाने में आर्थिक अनियमितता में संलिप्तता पाई गई। इसी तरह शासकीय कालेज पिथौरा के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सीमा अग्रवाल व असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. बृहस्पत सिंह विशाल एवं असिस्टेंट प्रोफेसर पीठी सिंह ठाकुर और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. एसएस दीवान इन पांचों पर निलंबन की गाज गिरी थी।

तीन सदस्यीय टीम आई थी जांच करने
अटल यूनिवर्सिटी में आर्थिक गड़बड़ी संबंधी शिकायतें होती रही है, जिसपर उच्च शिक्षा विभाग ने मामले में जांच के निर्देश दिए थे। कुछ माह पहले यूनिवर्सिटी में उच्च शिक्षा विभाग की ओर से एडीशनल डायरेक्टर केके तिवारी के नेतृत्व में असिस्टेंट डायरेक्टर गोवर्धन यदु व वित्त अधिकारी महेश साहू की तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच टीम जांच करने आई थी।  जाँच टीम यूनिवर्सिटी प्रशासन से मामले में जवाब मांगा था और अपने साथ टेंडर, सामग्री खरीदी आदि से संबंधित दस्तावेज भी जब्त कर अपने साथ ले गई थी। 

5379487