प्रदेशभर के छोटे बकायेदार जिन पर हजार रुपए का भी बकाया है, तो उनकी बिजली को कट कर दिया जा रहा है। 

रायपुर। आम उपभोक्ताओं से बकाया वसूलने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी की मनमर्जी पर बिजली नियामक आयोग भारी खफा है। प्रदेशभर के छोटे बकायेदार जिन पर हजार रुपए का भी बकाया है, तो उनकी बिजली को कट कर दिया जा रहा है। इस खबर को हरिभूमि ने प्रमुखता से 19 जनवरी को प्रकाशित किया, तो इस मामले को बिजली नियामक आयोग ने गंभीरता से लेते हुए खुद से संज्ञान लेते हुए याचिका दायर कर ली है और पॉवर कंपनी को नोटिस थमा दिया है।

अब मामले की आयोग में 17 मार्च को सुनवाई होगी और पॉवर कंपनी को जवाब देना पड़ेगा कि आखिर क्यों एक माह का छोटा सा ही बकाया होने पर उपभोक्ताओं की बिजली कट की जा रही है। एक तरफ जहां आम उपभोक्ताओं की बिजली कट हो रही है, वहीं रसूखदारों की बिजली कट करने में पॉवर कंपनी का पसीना छूट रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी ने काफी समय से प्रदेश भर में बिजली के बकायेदारों के खिलाफ अभियान चला रखा है। राजधानी रायपुर से लेकर प्रदेश के हर शहर में बकायेदारों के कनेक्शन कट किए जा रहे हैं। प्रदेश भर में बीस लाख से ज्यादा उपभोक्ता ऐसे हैं जिन पर तीन हजार करोड़ से ज्यादा का बकाया है। 20 हजार या इससे ज्यादा के बकायेदारों की संख्या ही दस लाख के करीब है। इन पर ही करीब ढाई हजार करोड़ का बकाया है। इसी के साथ एक लाख से ज्यादा के बकायेदारों की संख्या छह हजार से ज्यादा है।

आयोग ने खुद लगाई याचिका
बिजली नियामक आयोग में आमतौर पर किसी उपभोक्ता की शिकायत पर याचिका लगती है, लेकिन आयोग ने देखा कि पॉवर कंपनी छोटे बकायेदारों की ही बिजली कट कर रही और इसको लेकर समाचार भी प्रकाशित हो रहे हैं तो आयोग ने खुद से संज्ञान लेतें हुए इस मामले में याचिका लगी ली है। इसके लिए पॉवर कंपनी को नोटिस भी जारी किया गया है। अब इस मामले की आयोग में सुनवाई होगी। इसमें पॉवर कंपनी को छोटे बकायेदारों का कनेक्शन कट करने का कारण बताना होगा।

एक माह का बिल जमा नहीं और बिजली कट
एक समय वह था जब दो माह से ज्यादा का बकाया होने पर भी बिजली कट नहीं होती थी, लेकिन दो माह से ज्यादा का बकाया होने पर घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली बिल हॉफ योजना का लाभ नहीं मिलता था। अब तो एक माह का बकाया होने पर ही बिजली कट हो रही है। इस मामले में पॉवर कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि एक माह या दो माह का सवाल नहीं है, रायपुर में तीन हजार से ज्यादा का बकाया होने पर बिजली कट हो रही है। प्रदेश के कई शहरों में हजार रुपए का बकाया होने पर भी बिजली कट की जा रही है।

नोटिस किया है जारी
नियामक आयोग के  सचिव एसपी शुक्ला ने बताया कि, आयोग ने खुद से संज्ञान लेते हुए छोटे बकायेदारों का बिजली कनेक्शन कट करने के मामले में याचिका लगाकर पॉवर कंपनी को नोटिस जारी किया है। अब इस मामले में अब 17 मार्च को सुनवाई होगी। जनसुनवाई में भी इस मामले की शिकायतें मिली थीं।