A PHP Error was encountered
Severity: Warning
Message: Undefined variable $summary
Filename: widgets/story.php
Line Number: 3
Backtrace:
File: /content/websites/front-hbm/application/views/themes/mobile/widgets/story.php
Line: 3
Function: _error_handler
File: /content/websites/front-hbm/application/views/themes/amp/story.php
Line: 39
Function: view
File: /content/websites/front-hbm/application/libraries/Sukant.php
Line: 507
Function: view
File: /content/websites/front-hbm/application/libraries/Sukant.php
Line: 341
Function: loadAmpTheme
File: /content/websites/front-hbm/application/controllers/Content.php
Line: 303
Function: contentStorypageAmp
File: /content/websites/front-hbm/index.php
Line: 319
Function: require_once
सूरज सिन्हा/बेमेतरा- छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में स्थित शासकीय प्राथमिक शाला अतरगढ़ी में 2024- 25 का पहला बैगलेस डे मनाया गया है। शासन के आदेश अनुसार हर शनिवार को बैगलेस डे मनाया जाएगा। इस दिन सभी बच्चे बिना बैग के शाला आते हैं। सभी बच्चों को योग कराया जाता है और योग से होने वाले लाभ के बारे में बताया जाता है।
शिक्षकों ने बच्चों से अलग-अलग गतिविधियां करवाई
बता दें, सभी शिक्षकों के ने बच्चों से तरह-तरह की गतिविधियां कराई, इस दौरान कक्षा पांचवी के बच्चों ने मिट्टी के वस्तुए बनाई, किसी ने गमला बनाया तो किसी ने भगवान गणेश की मूर्ति बनाई है। कक्षा चौथी के बच्चों ने कागज पर चित्र बनाया है। वहीं कक्षा पहली और दूसरी के बच्चों से प्रधान पाठक गिरधरलाल साहू ने खेल खेलाया। इसके अलावा कक्षा तीसरी के बच्चों को शिक्षिका और संकुल समन्वयक स्मिता साहू ने फूल और पत्तों को इकट्ठा कराकर एक गतिविधि कराई। जिसके बाद बच्चों ने अलग-अलग आकृतियां बनाई है। जैसे किसी ने तितली तो किसी ने पेड़ और मंदिर बनाया है।
संकुल समन्वयक स्मिता साहू ने क्या कहा-
संकुल समन्वयक स्मिता साहू कहती है कि, सभी बच्चे उत्साह के साथ अपने आसपास के फूल और पत्तों को एकत्र करके गतिविधि में भाग ले रहे हैं। इस प्रकार की गतिविधि करने से बच्चों में रचनात्मक का विकास होता है और अपने आसपास की चीजों से बहुत अच्छे-अच्छे चीज बना सकते हैं। इस बात को खुद करके सीखते हैं। दरअसल, यहां बच्चों में कोई प्रतियोगिता नहीं थी। सभी बच्चे अपनी पसंद की चीजों को बन पा रहे थे। हम बच्चों को शारीरिक शिक्षा, नैतिक शिक्षा के साथ-साथ छोटे-छोटे कार्य करना भी सिखा सकते हैं।
