रायपुर। शहर में रहकर नक्सलियों का सहयोग करने के मामले में भाकपा (माओवादी) अर्बन नेटवर्क के गिरफ्तार किए गए 9 आरोपियों के विरुद्ध राज्य अन्वेषण अभिकरण (एसआईए) ने मंगलवार को विशेष न्यायालय बिलासपुर में चार्जशीट पेश की है।
इस चार्जशीट में आरोप लगाए गए हैं कि, सभी आरोपी शहर में रहकर नक्सलियों के लिए काम किया करते थे। गोपनीय सूचनाओं के साथ वे नक्सलियों को उनकी जरूरत की सामग्री पहुंचाते थे। इन आरोपियों को राजधानी रायपुर के अलावा बीजापुर एवं नारायणपुर से गिरफ्तार किया गया था।
डीडीनगर क्षेत्र से दंपति की गिरफ्तारी के बाद नेटवर्क का खुलासा
रायपुर पुलिस ने 23 सितंबर 2025 को डीडी नगर थाना क्षेत्र में माओवादियों के शहरी नेटवर्क को संचालित करने वाले दो आरोपी डीवीसी जग्गू कुरसम एवं एसीएम कमला कुरसम को गिरफ्तार किया था। उनकी गिरफ्तारी के बाद इस मामले में अन्य आरोपी रामा इचाम, धनसिंग गावड़े, संदेव पोडियामी, गिरधर नाग, सुकारो कोरसा एवं शंकर कोरसा को गिरफ्तार किया था। इस मामले की जांच में यह पाया गया है कि माओवादी संगठन के शीर्ष नेताओं के कहने पर माओवादी संगठन का सदस्य आकाश उर्फ पवन उर्फ पुष्कर भुआर्य रायपुर आकर एक मकान किराए से लिया था तथा स्वयं को मजदूर बताने के लिए मजदूरी करने लगा। बाद में संगठन के डीवीसी जग्गू कुरसम और उसकी पत्नी कमला कुरसम को रायपुर लाकर एक किराए के मकान में रुकवाया।
निर्धारित कोडवर्ड का करते थे उपयोग
जांच में यह भी पाया गया है कि निर्धारित कोडवर्ड का उपयोग करके सभी आरोपी समय-समय पर रायपुर, सिमगा, नवापारा राजिम, बिलासपुर आदि जगह पर मिलते थे तथा विधि विरुद्ध वस्तुओं एवं संदेशों का आदान प्रदान करते थे। इस प्रकार शहर में रहते हुए पवन जग्गू, कमला और रामा इचाम माओवादी संगठन की अवैध गतिविधियों को संचालित कर रहे थे। गिरधर नाग, संदेव पोडियम, धनसिंग गावड़े, सुकारो कोरसा, शंकर कोरसा अंदरूनी जंगल क्षेत्रों से माओवादियों के बड़े नेताओं के निर्देश पर विधि विरुद्ध वस्तुएं एवं सूचनायें लेकर कुरियर के रूप में शहर आते थे तथा शहर के सदस्यों से प्राप्त विधि विरुद्ध वस्तुएं एवं सूचनाएं साथ लेकर जंगल वापस जाकर माओवादियों के बड़े नेताओं को देते थे।
300 ग्राम सोना, ढाई लाख रुपए सहित अन्य सामग्री बरामद की थी
इस मामले की जांच के दौरान आरोपियों के कब्जे से कुल 300 ग्राम सोना, नकद करीब ढाई लाख रुपए, लैपटॉप, बड़ी मात्रा में पेन ड्राइव, मोबाइल, मोटर साइकिल तथा माओवादियों के लिए उपयोगी सामग्री बरामद की गई थी।