गुरुवार को केशकाल क्षेत्र के किसानों ने बिजली की समस्या से परेशान होकर जाम लगा दिया। अफसरों के आश्वासन पर लगभग 1 घटे बाद जाम हटा। 

कुलजोत सिंह संधु- फरसगांव। केशकाल विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही लो वोल्टेज और बिजली कटौती की समस्या को लेकर गुरुवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। हजारों की संख्या में किसान सड़कों पर उतर आए और कांग्रेस कमेटी की अगुवाई में डिपो चौक से बस स्टैंड तक रैली निकालते हुए जोरदार नारेबाजी की। बस स्टैंड में किसानों ने लगभग 1 घण्टे तक चक्काजाम भी किया।

प्रशासन के आश्वासन के बाद किसानों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया और धीरे-धीरे प्रदर्शन खत्म हो गया। इसके बाद सभी किसान अपने-अपने घर लौट गए। हालांकि किसानों ने साफ चेतावनी दी है कि, यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो भविष्य में और उग्र आंदोलन किया जाएगा।

बिजली की कमी से सिंचाई नहीं हो पा रही : किसान
प्रदर्शन में आए किसानों का कहना है कि, हमने बैंक से कर्ज लेकर फसल लगाई है। लगातार बिजली कटौती और लो वोल्टेज के कारण सिंचाई के लिए पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। मोटर पंप नहीं चलने से खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा, जिससे उनकी फसलें सूखने और बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई हैं। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते बिजली व्यवस्था नहीं सुधरी तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। हमें तत्काल पर्याप्त बिजली चाहिए, नहीं तो फसल बर्बाद हो जाएगी और कर्ज चुकाना मुश्किल हो जाएगा। 

प्रशासन ने समस्या को गंभीरता से लिया : अपर कलेक्टर
अपर कलेक्टर चित्रकांत चाली ठाकुर का कहना है कि, किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने तत्काल बिजली विभाग को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए हैं। फीडर-बाय-फीडर सिस्टम के तहत किसानों को रोजाना 8 घंटे रोटेशन पीरियड में पर्याप्त वोल्टेज के साथ बिजली उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि सिंचाई में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

जामगांव सब-स्टेशन बनने से खत्म होगी समस्या : टेकाम 
विद्युत विभाग के सहायक अभियंता एलएस टेकाम ने बताया कि, क्षेत्र में लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। विभाग द्वारा कई प्रयास किए गए हैं, लेकिन स्थायी समाधान के लिए जामगांव में नया सब-स्टेशन का निर्माण पूरा होना जरूरी है। इस सब-स्टेशन का कार्य ठेकेदार को सौंप दिया गया है, जिसे 31 जुलाई 2026 तक पूरा किया जाना है। फिलहाल किसानों की मांग को देखते हुए फीडर के अनुसार रोस्टर बनाकर करीब 8 घंटे पर्याप्त वोल्टेज के साथ बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि सिंचाई प्रभावित न हो।