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महेंद्र विश्वकर्मा-जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में पामेड़ क्षेत्र और सुकमा जिले के बंडा क्षेत्र के लगभग बीपीएल 1206 घर और पामेड़ सहित 17 सुरक्षा बल के कैंप तेलंगाना की बिजली से जगमगा रहे हैं। यहां फाल्ट सुधारने के लिए लाइनमेन और हेल्पर भी नियुक्त किया गया है। साथ ही छत्तीसगढ़ विद्युत कंपनी तेलंगाना के बिजली विभाग को हर साल 80 लाख रूपए बिजली बिल का भुगतान कर रही है।

बीजापुर जिला मुख्यालय से लगभग 210 किलोमीटर दूर तेलंगाना सीमा से लगा हुआ क्षेत्र के 3 गांव, इसके अलावा सुकमा जिले का किष्टाराम क्षेत्र में 17, मरईगुड़ा क्षेत्र के 7 गांव के 1206 बीपीएल घर, पामेड़ सहित 17 सुरक्षा बल के कैंप हैं। यहां पावर सप्लाई तेलंगाना राज्य से खरीदकर रोशन की जाती है. इससे 1206 बीपीएल परिवारों को मुफ्त बिजली देने मे सफलता मिली है। यहां के गांव अब रात में बिजली की रोशनी से जगमगाने लगे हैं। 

गांव में लगे ट्रांसफार्मर

11 केवी फीडर से हो रही बिजली आपूर्ति 

तेलंगाना राज्य के चेरला तिपापुरम सब-स्टेशन से 11 केवी फीडर से पामेड़ गांव में बिजली आपूर्ति की जा रही है। पामेड़ के पास के अन्य गांव तोंगगुड़ा और टेकलेयर में बुनियादी सुविधाओं का अभाव रहा है। तेलंगाना तिपापुरम से पामेड़ की दूरी लगभग 20 किलोमीटर है। गांव की आबादी के हिसाब से आंगनबाड़ी, स्कूल, आश्रम शालाएं, पुलिस कैंप, मोबाइल टावर और अस्पताल कि सुविधाएं संचालित हो रही हैं। धीरे-धीरे गांव को सर्व सुविधा युक्त बनाने सरकार प्रयास कर रही है। गांव की हालत पहले से बेहतर होती जा रही है। बताया जा रहा है कि, सुकमा जिले के बंडा और तोंगगुड़ा में उपकेन्द्र बनने से तेलंगाना की बिजली की जरूरत नहीं पड़ेगी। छत्तीसगढ़ की बिजली से उक्त गांव रोशन हो सकेंगे। पामेड़ इलाके मे विद्युत कंपनी ने लाइनमेन और हेल्पर की नियुक्ति भी की गई है। कर्मचारी हमेशा उसी गांव में रहते हैं। लाइन में कोई फाल्ट होने पर तत्काल सुधार का कार्य किया जाता है।

बोर खुदवाया पर शुरू नहीं हो सका उपकेन्द्र

विद्युत कंपनी के ठेकेदार ने एक वर्ष पूर्व सर्वाधिक नक्सल प्रभावित क्षेत्र सुकमा जिले के ग्राम बंडा में उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली सेवा देने के उद्देश्य से उपकेन्द्र का निर्माण कार्य शुरू किया। इसके लिए बोर भी खुदवाया और उपकेन्द्र के लिए जमीन को समतल करने के लिए कर्मचारी पहुंचे तो नक्सलियों ने कर्मचारियों के साथ मारपीट किया। उसके बाद से यहां उपकेन्द्र का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। बताया जा रहा है कि, क्षेत्र के लगभग 24 गांव छत्तीसगढ़ की बजाय सीमावर्ती राज्य तेलंगाना की बिजली का उपयोग कर रहे हैं।

उपकेन्द्र से मिलेगी राहत

विद्युत कंपनी जगदलपुर क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक एसके ठाकुर ने बताया कि, अभी तेलंगाना से बिजली ले रहे हैं. लेकिन बहुत जल्द तर्रेंम-चिन्नगेलूर होते हुए छुटवाई-कोंडापल्ली से धमार्राम पामेड़ के लिए लाइन बिछानी जानी हैं। यह सब स्वीकृत है, जिससे जिला मुख्यालय से दूरी भी कम हो जाएगी। सुकमा जिले के बंडा एवं बीजापुर जिले के कोंडापल्ली में उपकेन्द्र का निर्माण किया जाएगा। इससे ग्रामीणों को राहत मिलेगी।