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नवरात्रि पर देवी मंदिरों में बड़े पैमाने पर घी के ज्यातिकलश जलाए जाते हैं। श्रद्धालु इसके लिए मंदिर प्रशासन को पूरी रकम भी देते हैं, लेकिन उन्हें आस्था के साथ खिलवाड़ के बारे में पता नहीं था।

अम्बिकापुर। नवरात्रि से पहले बड़े पैमाने पर नकली घी सप्लाई करने की तैयारी थी। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले में शुक्रवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने नकली घी बनाने के ठिकाने पर छापा मारकर लगभग 4 हजार किलो नकली घी जब्त कर ली है। आशंका है कि, ये घी नवरात्रि के दौरान मंदिरों में दीप जलाने के लिए सप्लाई हो सकते थे। इस मामले में सबसे खास बात यह है कि, इस फैक्ट्री के मालिक ने स्वीकार किया है कि, हां.. वह नकली घी बनाता है।

इस संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक, प्रशासन को शिकायत मिली थी कि, शहर के बाबूपारा में एक किराए के मकान में घी बनाने का धंधा चल रहा है। जब प्रशासन के अधिकारी खाद्य व औषधि प्रशासन की टीम के साथ वहां पहुंचे तो देखकर हैरान रह गए। वहां खुलेआम वनस्पति और रिफाइंड आइल को मिलाकर नकली घी बनाया जा रहा था। वनस्पति घी को गर्म कर रिफाइंड तेल मिलाया जा रहा था। इससे नकली घी तैयार कर पीपों में भरा जा रहा था।

आरोपी निकला महाराष्ट्र का

इस कारोबार को अंजाम देने वाले महाराष्ट्र के रहने वाले युवक ने इस कारोबार की सच्चाई का खुलासा किया। उसने बताया कि, बहुत से लोग ऐसा अवैध काम करते हैं इसलिए वो भी कर रहा है। युवक ने बताया कि घी नवरात्रि के समय मंदिरों में सप्लाई करने के लिए तैयार किया जा रहा था।

खाने के लिए भी सप्लाई की आशंका

इस ठिकाने पर जब प्रशासन व खाद्य विभाग की टीम पहुंची तो यहां मिलावट का काम चल रहा था। उनके पास न तो कोई लाइसेंस था और न ही गुणवत्ता का ध्यान रखा जा रहा था। इस नकली घी के पीपों पर मार्क भी नहीं किया गया था कि, ये खाने योग्य नहीं है। ऐसे में आशंका है कि, नकली घी को खाने के लिए भी सप्लाई किया जाता होगा। प्रशासन व खाद्य औषधि विभाग की टीम ने नकली घी को जब्त करने की बात स्वीकार किया।

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