रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सालय सभागार से 'मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026' का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने योजना के लाभार्थी उपभोक्ताओं को प्रमाण पत्र वितरित किए और प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक संख्या में योजना का लाभ लेने की अपील की। मुख्यमंत्री ने इस दौरान प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 2,931 हितग्राहियों को 8 करोड़ 79 लाख रुपये की सब्सिडी भी अंतरित की।
28.42 लाख उपभोक्ताओं को 757 करोड़ की मिलेगी राहत
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि, बिजली आज जीवन की मूलभूत आवश्यकता बन चुकी है। कई परिवार आर्थिक कठिनाइयों के कारण समय पर बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाते, जिससे सरचार्ज बढ़कर भुगतान और कठिन हो जाता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने यह समाधान योजना शुरू की है।इस योजना के माध्यम से प्रदेश के 28 लाख 42 हजार उपभोक्ताओं को 757 करोड़ रुपये से अधिक की राहत प्रदान की जाएगी। योजना का लाभ मुख्य रूप से निम्न एवं मध्यम आय वर्ग तथा कृषि उपभोक्ताओं को मिलेगा।
सरचार्ज में 100% और मूल राशि में 75% तक छूट
योजना के तहत उपभोक्ताओं को बिजली बिल के अधिभार (सरचार्ज) में 100 प्रतिशत छूट तथा मूल बकाया राशि में 75 प्रतिशत तक की छूट देने का प्रावधान किया गया है। इसके लिए उपभोक्ताओं को योजना में पंजीयन कराना होगा और पंजीयन के समय बकाया राशि का न्यूनतम 10 प्रतिशत भुगतान करना अनिवार्य होगा। शेष राशि का भुगतान किस्तों में किया जा सकेगा और अगले महीनों में किसी प्रकार का अधिभार नहीं लगेगा।
तीन श्रेणियों के उपभोक्ता होंगे पात्र
योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं की तीन श्रेणियां निर्धारित की गई हैं—
- 31 मार्च 2023 की स्थिति में निष्क्रिय उपभोक्तासक्रिय एकल बत्ती कनेक्शनधारी उपभोक्ता।
- सक्रिय अशासकीय घरेलू एवं अशासकीय कृषि उपभोक्ता।
- यह योजना 30 जून 2026 तक प्रभावशील रहेगी।
पीएम सूर्यघर योजना को भी मिल रहा अच्छा प्रतिसाद
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रति प्रदेश में लोगों की रुचि लगातार बढ़ रही है और अब तक लगभग 36 हजार लोग इस योजना से जुड़ चुके हैं। उन्होंने महिला स्व सहायता समूहों द्वारा सोलर पैनल वेंडर के रूप में कार्य किए जाने को भी सकारात्मक पहल बताया।
सीएम ने की बिजली बचत की अपील
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से बिजली की बचत करने और घरेलू बिजली के अनावश्यक उपयोग से बचने की अपील की। उन्होंने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों और व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ा जाए।